सीकर में संतों की हुंकार,गोरक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई:बोले- गोवध का कलंक मिटाना‌ जरूरी, अब कानून बनने तक नहीं रुकेंगे

सीकर के रैवासा गांव स्थित अग्रपीठ में जानकीनाथ पाटोत्सव कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा शिरकत करने पहुंचे। मलूक पीठ व अग्रपीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज ने गौ वंश के संरक्षण व संवर्द्धन के‌ लिए अब गौ सम्मान आह्वान अभियान चलाया जाएगा। 27 अप्रैल 2026 को गौ सम्मान दिवस मनाया जाएगा और गौ माता राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए पूरे देश में जिला‌ कलेक्टर और तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल के नाम‌ ज्ञापन दिया जाएगा। पीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि गौ सम्मान आह्वान अभियान तब तक चलेगा, जब तक देश में गायों की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान, अनुदान सुनिश्चित नहीं हो‌ जाता। कार्यक्रम को मनोहर शरण महाराज पलसाना, दिनेशगिरी‌ महाराज फतेहपुर, प्रकाशदास महाराज, महावीर जति महाराज समेत कई संतों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि हम गाय को मां का दर्जा देते हैं उसके बावजूद हमारे देश में गौ हत्या नहीं रुक रही, ये शर्मिंदगी का विषय है। पीठाधीश्वर राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि भारत से गोवध का कलंक मिटाना है। अब संत समुदाय इस अभियान से पीछे नहीं हटेगा। संत क्रमिक आमरण अनशन पर बैठेंगे। गौ आधारित शिक्षा, गौ आधारित चिकित्सा, गौ आधारित कृषि और पंचगव्य को अनिवार्य करवाना ही लक्ष्य है। गौ संरक्षण व गौ संवर्धन का कानून नहीं बन जाता, तब तक रुकेंगे नहीं। जब राजा गोधर्म का पालन करेगा, तभी सच्चे रुप से जनता भी दिल से गौ संरक्षण में जुट जाएगी। गौ सम्मान के लिए शासन और समाज का साथ आना जरुरी। सीतामढ़ी में सीतामाता के जन्मस्थान पर मंदिर बनना चाहिए, इसके लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा। RSS के शताब्दी वर्ष में भारत की धरती गौवध के कलंक से मुक्त हो जाए, यही कोशिश की जा रही है।

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