सीकर में आज छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने छात्रहितों के मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। NSUI के कार्यकर्त्ताओं ने एसके स्कूल ग्राउंड से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। कलेक्ट्रेट के गेट पर भारी पुलिस जाब्ता और बेरिकेटिंग की गई, NSUI के प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। विरोध-प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र शामिल थे। भीड़ को देखते हुए ASP गिरधारीलाल शर्मा व 5 सीआई समेत भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
NSUI जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा के नेतृत्व में कार्यकर्त्ताओं ने सरकार पर छात्रहितों को कुचलने के आरोप लगाए और प्रशासन को गेट पर बुलाकर ज्ञापन देने की मांग पर अड़ गए। विरोध-प्रदर्शन में शामिल यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव दिनेश ओलखा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला, कांग्रेस नेता जगदीश दानोदिया समेत वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने विपक्ष में रहते हुए छात्रसंघ चुनाव बहाली, पेपरलीक की CBI जांच करवाने जैसे बड़े-बड़े जुमले दिए थे, लेकिन अब सारे फुस्स हो गए।
पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश झीगर ने कहा कि आज प्रदेश सरकार पर अन्यायपूर्ण बर्ताव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव में युवाओं से किए वादे अब भूल चुकी है। प्रदेश सरकार युवाओं के साथ अन्याय कर रही है। प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव में किए वादों से पीछे हट रही है। युवाओं के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विरोध प्रदर्शन को नितीन मीणा, मुकेश पचार, नरेंद्र गुर्जर, अभिलाषा रोहिला, मुकेश तारपुरा ने भी संबोधित किया।
इन मांगों को ज्ञापन:-
– राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के OMR शीट घोटाले की सीबीआई जांच हो
– रोस्टर रजिस्टर प्रणाली सुप्रीम कोर्ट के नियमानुसार लागू कर ओबीसी, एससी, एसटी और एमबीसी वर्गाें को राज्य सरकार प्रदत्त आरक्षण सभी वर्गों में दिया जाए।
– सितंबर 2025 में विधानसभा में पारित कोचिंग बिल लागू करो
– सब इंस्पेक्टर भर्ती व अन्य बी ग्रेड भर्तियों में इंटरव्यू खत्म हों
– एक परीक्षा एक पेपर प्रणाली लागू कर नाॅर्मलाइजेशन प्रक्रिया से राहत दी जाए
– एससी, एसटी, ओबीसी और एमबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं को 2 वर्षों से लंबित छात्रवृत्ति दी जाए
– आेबीसी की बालिकाओं के लिए एससी, एसटी, एमबीसी और ईडब्लूएस वर्गाें की तर्ज पर स्कूटी योजना शुरू की जाए
– प्रदेश के बेरोजगार युवाओं का बेरोजगारी भत्ता शुरू किया जाए
– छात्रसंघ चुनाव बहाली का वादा पूरा करो
– आरपीएससी व राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भंग किया जाए व पुनर्गठन किया जाए


