डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में सर्व समाज द्वारा एक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इससे पूर्व कस्बे में एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों सनातनियों ने भाग लिया। सम्मेलन में वक्ताओं ने बेटियों को निर्भीक, आत्मविश्वासी और संस्कारवान बनाने का आह्वान किया। कलश यात्रा सीमलवाड़ा के हनुमान मंदिर से शुरू हुई। यह मंडली चौराहा और मुख्य बाजार से होते हुए किशनपुरा माताजी मंदिर पहुंची, जहां हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया था। यात्रा के दौरान देशभक्ति गीत, भजन और गरबा रास के साथ श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए भागवत कथावाचक प्रदीप भाई शास्त्री ने कहा कि भारत के बढ़ते विकास से विरोधी शक्तियां विचलित हैं। उन्होंने सनातन समाज से शास्त्रों के ज्ञान के साथ आत्मबल और आत्मरक्षा के प्रति भी सजग रहने का आग्रह किया। शास्त्री ने मातृशक्ति से विशेष अपील की कि वे अपनी बेटियों को निर्भीक, आत्मविश्वासी और संस्कारवान बनाएं, ताकि वे हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम हों। इस अवसर पर चित्तौड़ प्रांत सहसंयोजक नारायणलाल गमेती ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करता है। उन्होंने मातृशक्ति से परिवार में संवाद बनाए रखने और बच्चों को सही दिशा देने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान किशनपुरा गांव को आदर्श प्रभात गांव घोषित किया गया। इस आयोजन में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, संतजन और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


