बलौदाबाजार के कुकुरदी स्थित सीमेंट संयंत्र में शुक्रवार को सैकड़ों श्रमिकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आठ घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने संयंत्र प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने बताया कि उन्हें वर्षों से काम करने के बावजूद बोनस, अर्जित अवकाश (EL) और आकस्मिक अवकाश (CL) जैसे कानूनी अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने प्रबंधन पर मनमाने ढंग से श्रमिकों को हटाने का भी आरोप लगाया। पहले हुई थी श्रमिक के साथ मारपीट की घटना श्रमिकों ने हाल ही में एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें एक श्रमिक के साथ संयंत्र के सिक्योरिटी गार्ड द्वारा मारपीट की गई थी। उनका आरोप है कि प्रबंधन ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। संयंत्र प्रबंधन की ओर से नहीं आया कोई जवाब इस पूरे मामले पर संयंत्र प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने के प्रयास भी विफल रहे, क्योंकि उन्होंने फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया। मौके पर पुलिस बल मौजूद था, लेकिन श्रमिकों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पुलिस प्रबंधन के हितों की रक्षा कर रही थी। हालांकि, एएसपी अभिषेक सिंह ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पुलिस टीम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां मौजूद थी। स्थानीय लोगों के साथ भेदभाव का आरोप श्रमिकों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि कंपनी स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर रही है और बाहरी लोगों को नौकरियों में प्राथमिकता दे रही है। यह आरोप क्षेत्र में रोजगार के सवाल को लेकर एक नए विवाद को जन्म दे सकता है। श्रमिकों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो उनका आंदोलन और तेज हो सकता है।


