राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, बांदरसिंदरी में भारतीय कृषि सांख्यिकी सोसायटी (ISAS) का 76वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार देर शाम संपन्न हो गया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का मुख्य विषय “विकसित भारत @2047 की दिशा में विज्ञान और समाज को जोड़ने के लिए डेटा-आधारित निर्णय” रहा, जिस पर देशभर से आए विशेषज्ञों ने गहन विमर्श किया। समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति आनंद भालेराव ने कहा कि डेटा-आधारित दृष्टिकोण और सांख्यिकीय नवाचार विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विजन को साकार करने के प्रमुख आधार हैं। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में जनगणना अनुसंधान कार्यस्थान का उद्घाटन रहा। इसका उद्देश्य अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देना और डेटा-आधारित सुशासन को सशक्त बनाना है। इसके साथ ही, बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम ने शोध और जमीनी स्तर पर नीतियों के क्रियान्वयन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य किया। सम्मेलन के दौरान उद्योग–अकादमिक संवाद के माध्यम से कृषि सांख्यिकी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला गया। विभिन्न तकनीकी सत्रों में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, कृषि नियोजन और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों में सांख्यिकीय एवं संगणकीय उपकरणों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख सांख्यिकीविद्, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद् और नीति-निर्माता शामिल थे। प्रतिभागियों को उच्च गुणवत्ता वाली शोध प्रस्तुतियाँ देने और वरिष्ठ विशेषज्ञों से संवाद करने का अवसर मिला, जिससे संस्थानों के बीच सहयोग और ज्ञान-विनिमय को नई दिशा मिली।


