सीहोर में 9 डिग्री दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान:31 दिसंबर के पहले मावठा गिरने की संभावना, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

सीहोर में शीत लहर जारी है। रविवार को जिले के कुछ इलाकों में कोहरा छाना भी शुरू हो गया है, जिससे विजिबिलिटी 80 मीटर रही। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले कुछ दिनों में सीहोर में बारिश हो सकती है, जिससे इलाके में ठंड और बढ़ सकती है। इस साल सीहोर जिले में ठंड का सीजन 19 नवंबर से शुरू हुआ है, जिसके बाद लगातार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रविवार सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा और शीत लहर भी चलती रही। शासकीय कृषि कॉलेज में स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएस तोमर ने बताया कि आने वाले हफ्ते में मावठा गिरने की संभावना है, जिसके बाद कड़ाके की ठंड का दौर एक बार फिर देखने को मिलेगा। ऐसा रहेगा मौसम कृषि वैज्ञानिक डॉ एसएस तोमर ने बताया कि रविवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि हवाएं अभी पूर्व दिशा से बह रहीं हैं। 31 दिसंबर के पहले सीहोर जिले में मावठा गिर जाएगा। शीतघात से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी स्वास्थ्य विभाग ने शीतलहर को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। सीएमएचओ डॉ सुधीर कुमार डेहरिया ने जिले की शहरी और विकासखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य संस्था प्रभारियों शीतलहर से बचाव के लिए लोगों जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों, डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को भी शीत से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा गया है। इमरजेंसी कॉल के लिए रेपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन करने और अस्पतालों में दवाइयों और एंटीबायोटिक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सीएमएचओ ने कहा है कि अस्पताल की क्षमता के मुताबिक शीतघात के मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मरीज का पूरा प्राथमिक इलाज करने के बाद ही जिला अस्पताल को रेफर करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पास के जिला अस्पताल से कॉन्टैक्ट करके ज्यादा मरीजों को रेफर करने से पहले इसकी सूचना दें। शीत घात से बचाव के तरीके लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से फ्लू, बुखार, नाक बहना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। इमरजेंसी के लिए दवाएं, पानी, ईंधन जैसी जरूरी चीजें तैयार रखें। घर के खिड़की, दरवाजे सही से बंद रखें, ताकि ठंडी हवा अंदर न आ सके। कपड़ों की कई परतें पहने। बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं को सर्दी में गर्म कपड़े पहनाकर रखें। ठंड से होने वाली बीमारियों के लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।

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