राजस्थान का अर्द्धकुंभ सुईयां मेले में साधु संत पहुंचने शुरू हो गए। वहीं रविवार को सुबह से श्रद्धालु सुईयां महादेव मंदिर और कपालश्वेर मंदिर के दर्शन के लिए पहुंच रहे है। वहीं शुभ मुहूर्त के साथ अग्निदंभ से सुईयां मेले की छाप लगाना भी शुरू हो गया है। इसको लेकर भक्तजनों में खास उत्साह नजर आ रहा है। पवित्र स्नान की मान्यता है। यहां लाखों श्रद्धालु कड़कड़ाती सर्दी में पवित्र स्नान के लिये पहुंच रहे है। इस दिन यहां सूईंया महादेव मंदिर का झरना, कपालेश्वर महादेव मंदिर का झरना, धर्मराज की बेरी व इंद्रभान तालाब के पांच स्थलों के पवित्र मिश्रित जल से स्नान करेंगे। रविवार को जिला कलेक्टर टीना डाबी, एसपी नरेंद्र सिंह मीना, एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दरअसल, सुईयां पोषण मेले का स्नान के लिए लोगों का आने का सिलसिला शुरू हो गया। सोमवार को सुबह अमावस्या लगने के साथ पंच योग बनने पर स्नान करेंगे। प्रशासन का अनुमान है कि 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच सकते है। पवित्र स्नान की मान्यता है। यहां लाखों श्रद्धालु कड़कड़ाती सर्दी में पवित्र स्नान के लिये पहुंच रहे है। सुईयां मेले में आने वाले श्रद्धालु अपनी भुजा पर मठ और मेले की छाप लगवाते है। मान्यता है कि देशभर के सभी तीर्थ और मेलों में लगाई जाने वाली छाप चौहटन मठ की छाप से नीचे ही लगती है। अगर किसी ने पहले ही किसी स्थान पर छाप लगा रखी है तो यहां उसके ऊपरी हिस्से में छाप लगती है। साथ ही यहां की छाप लगा कोई श्रद्धालु अन्य स्थान पहुंचता है तो वहां इसके निचले हिस्से में ही छाप लगाई जाती है। सूईंया मेले के दौरान छाप लगवाने के लिये मठ के आगे वाले गेट धर्मराज मंदिर के पास, पीछे वाले गेट पर जाल के पास एवं भजन-सत्संग के मंच के पास छाप लगाने के स्थान निर्धारित किये गये है। साधु संतों पहुंचे मठ सुईयां मेले में गुजरात और राजस्थान से साधु संत पहुंच रहे है। आसोतरा ब्रह्मधाम के गादीपति संत तुलसाराम महाराज सहित साधु संत पहुंचे है। आसोतरा गादीपति तुलसाराम महाराज के चौहटन पहुंचने पर सैकड़ों भक्तों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। वहीं, इस दौरान मठाधीश जगदीशपुरी ने महाराज का स्वागत किया। साथ ही अलग-अलग जगहों से साधु संत पहुंचे है। जगह-जगह पर तैनात पुलिसकर्मी मेले को लेकर प्रशासन व पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हुए है। रविवार को जिला कलेक्टर टीना डाबी, एसपी नरेंद्र सिंह मीना सहित अधिकारी पहुंचे। व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल तैना किए गए है। एसडीएम कुसुमलता चौहान मठ परिसर में बनाए कंट्रोल रूम में निगरानी कर रही है। जिले के आधा दर्जन एसडीएम सहित प्रशासन के अधिकारी मानिटरिंग कर रहे है। शुभ मुहूर्त के साथ शुरू हुई छाप सुईयां पोषण मेले मठ की छाप लगाने का कार्य शुभ मुहूर्त के साथ शुरू हुआ। मेले में श्रद्धालु इच्छानुसार भुजा पर अग्निदंभ से डूंगरपुरी मठ और सुईया की छाप लगाई जा रही है। महंत जगदीशपुरी ने बताया- देश के विभिन्न मठ मंदिरों की छाप से सुईयां और मठ की छाप ऊपर लगती है। पंच योग के समय आयोजित मेले में हजारों भक्तजन अपनी भुजा पर छाप लगवाते है।


