मुठभेड़ के दौरान 4 जवान भी घायल, पर सभी खतरे से बाहर दंतेवाड़ा-सुकमा सीमा पर केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में पुलिस ने शनिवार को मुठभेड़ के दौरान 17 नक्सलियों को ढेर कर दिया। सुकमा जिले में ये पहला मौका है, जब मुठभेड़ में इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं। हालांकि इस दौरान डीआरजी के 3 और सीआरपीएफ का एक जवान घायल भी हो गया। घायलों की हालत खतरे से बाहर है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य 25 लाख का इनामी जगदीश उर्फ बुधरा भी शामिल है। 2013 में दरभा क्षेत्र के झीरम घाटी कांड में ये शामिल था। ये वही घटना है, जिसमें कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल, उदय मुदलियार, विद्याचरण शुक्ल सहित अन्य कई बड़े नेताओं व जवानों की नक्सलियों ने निर्मम हत्या कर दी गई थी। ताजा मुठभेड़ में 17 नक्सलियों के मारे जाने का अधिकृत आंकड़ा पुलिस के अफसरों ने जारी किया है। वहीं बीजापुर में भी मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर किया गया है। डीआरजी जवान मारे गए नक्सलियों के शव टांगकर करीब 10 किमी तक पैदल चलकर जंगल से लौट आए हैं।
भागने के सभी रास्तों पर जवानों का
था एंबुशः नेलगुड़ा के डंड्रममेटा की पहाड़ी पर नक्सलियों के कैंप के इनपुट पर जवानों ने उनके भागने के सभी रास्तों पर एंबुश लगा रखा था। नेलागुड़ा, उपमपल्ली व निलावाया गांव की ओर सुरक्षाबलों ने पहाड़ी को घेरा। पहली फायरिंग उपमपल्ली के तरफ से हुई, नक्सली अपने आपको सुरक्षित करने नेलगुड़ा की ओर भागने लगे। भास्कर इनसाइट दरभा डिवीजन के नक्सली आईडी लगाने की तैयारी में थे
दरभा डिवीजन की नक्सली टीम कुछ दिनों से वहां एक्टिव थी। फोर्स के यूएवी से उनका लोकेशन मिल गया। पता चला कि नक्सली 5-7, 5-7 के गुट में थोड़ी- थोड़ी दूरी पर मौजूद हैं। मुखबिर से भी इनपुट मिला कि नक्सली टुकड़ी उस इलाके में आईईडी लगाने के लिए सक्रिय हुई है। पुख्ता लोकेशन के बाद फोर्स ने नक्सली गैंग पर गुरिल्ला तकनीक से अटैक करने की प्लानिंग बनाई और उन्हें तड़के घेर लिया गया। घेरेबंदी में फंसे नक्सली गैंग ने फोर्स पर फायरिंग जरूर की, लेकिन सफल नहीं हो सके। फोर्स को हावी होते देखकर करीब 15-20 नक्सली भाग निकले। भागने वाले नक्सलियों में वृद्ध चैतू दादा उर्फ लैंगू भी था। फोर्स के कुछ लोगों ने उसे नक्सली सुरक्षा घेरे में भागते हुए देखा। महिला नक्सली थी फ्रंट पर जवानों ने भागने नहीं दिया
शुक्रवार को हमें निलावाया पंचायत के नेलगुड़ा के पास डंड्रममेटा की पहाड़ी में नक्सलियों के अस्थाई कैंप का इनपुट मिला। इस पर अलग-अलग 8 टीमों के 500 से ज्यादा जवानों का संयुक्त ऑपरेशन लॉन्च किया। रात को ही संयुक्त पार्टी रवाना हुईं। हम 10 किमी पैदल चलकर सुबह 6:30 बजे नक्सल कैंप के करीब पहुंचे। जैसे ही नक्सलियों की मूवमेंट दिखी, हमने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में नक्सलियों ने गोलीबारी की। उनकी ओर से फायरिंग में फ्रंटलाइन में महिला नक्सलियों ने मोर्चा लिया हुआ था। हमें बैकअप देने डीआरजी की दूसरी टुकड़ी पहुंची। सुबह करीब 8:30 बजे तक लगातार मुठभेड़ जारी रही। तब तक 17 नक्सलियों को हमने ढेर कर दिया। (जैसा मुठभेड़ में शामिल डीआरजी जवानों ने बताया) नक्सलियों के मारे जाने और जवानों के घायल होने की खबर है। नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उसे जड़ से खत्म करने का काम कर रहे हैं। यह कामयाबी सराहनीय है। उनकी बहादुरी को नमन। - विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री


