सुतापा बोलीं- मैं इरफान की एक्टिंग की कमियां निकालती थी:पार्टीज में नहीं जाते थे, परिवार को पूरा वक्त देते थे, एक स्क्रिप्ट की लाइने 100 बार पढ़ते थे

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सोमवार को इरफान थिएटर फेस्टिवल की शुरुआत हुई। कार्यक्रम के पहले दिन ‘रिमेंबरिंग इरफान’ विषय पर टॉक शो आयोजित हुआ। इसमें एक्टर और डायरेक्टर आकर्ष खुराना और लेखिका सुतापा सिकंदर ने विचार रखे। रंगकर्मी अभिषेक मुद्गल ने शो को मॉडरेट किया। इरफान की पत्नी सुतापा ने कहा- वे स्क्रिप्ट की लाइनों को 100 बार पढ़ते थे। हर कैरेक्टर को दमदार बना देते थे, उसमें अपना इनपुट जरूर जोड़ देते थे। इरफान पार्टीज में नहीं जाते थे और परिवार को समय देते थे। घर पर जब उनके हाथ में स्क्रिप्ट होती थी तो हम उनसे बात नहीं करते थे। मेरे फादर से भी उन्होंने बहुत कुछ सीखा है। मेरा मानना है कि नीयत अच्छी होनी चाहिए। सुतापा ने कहा- जब जयपुर की बात होती थी तो इरफान जयपुर की गुलाबी सर्दी की बात किया करते थे। यह शहर उनके दिल के करीब रहा है, जब भी मौका मिलता था, वे यहां आया करते थे। पतंग उड़ाया करते थे। उन्होंने इस शहर को मुझे भी अपने तरीके से दिखाया है। वे बच्चों के संग यहां काफी समय बिताते थे। उन्होंने कहा- अभिनय एक विचार धारा है। मुझे हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा कि मैं इरफान की तारीफ नहीं कर पाई। मैं हमेशा उनकी एक्टिंग में कमियां निकलती थी। वे डिसीप्लेन में रहते थे और हर रोल के लिए अलग से तैयारी करते थे। उनको लगता था कि जिंदगी को सहजता से जीना चाहिए। इरफान के साथ काम कर चुके आकर्ष खुराना ने कहा कि कारवां फिल्म के दौरान हमारी टीम यंग थी और वो इरफान से बहुत डरी हुई थी। शूट के दौरान हमने इरफान के साथ क्रिकेट भी खेला। शूटिंग के दौरान हैदराबादी लहजे में उन्हें एक डायलॉग बोलना था। तब अपने परिवेश को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि इसे में टोंक के लहजे में कहना चाहता हूं।
उन्होंने कहा कि इरफान जैसा कोई नहीं है। वे आज के दौर के सभी एक्टर्स से ज्यादा मेहनत करते थे। लेकिन दिखती नहीं थी। वे सेट पर हमेशा रेडी होकर आते थे और किसी का भी टाइम वेस्ट नहीं करते थे। मुझे लगता है कि काफी एक्टर बोरिंग है। वे सिर्फ अपने बारे में ही बात करते हैं। इरफान किसी भी सब्जेक्ट पर बात कर लेते थे। या तो वे हर चीज को जानते थे या फिर क्यूरोसिटी रखते थे। वे कभी भी भीड़ में गुम नहीं हुए, उन्होंने अपनी आवाज खुद बनाई है। सुतापा ने कहा कि इरफान चाहते थे कि मैं दो-चार साल और एक्टिंग करूंगा और उसके बाद ऑर्गेनिक फार्मिंग करूंगा और शहर में नहीं रहूंगा। जब इरफान से मेरी पहली मुलाकात हुई, तो मैंने कहा ये कौन है? यह मेरा यादगार पल रहा। तब पता नहीं था कि इसी इंसान के साथ जिदंगी बितानी है। वे किसी की बुराई नहीं कराते थे, ये चीज में मैंने उनसे सीखने की कोशिश की।

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