जयपुर | मेडिकल शिक्षा विभाग की ओर से सुपर स्पेशलिटीज में चयनित डॉक्टरों को 25 लाख रुपए की बैंक गारंटी के आदेश का विरोध होने लगा है। जार्ड अध्यक्ष डॉ. राजपाल सिंह मीना का कहना है कि मेडिकल शिक्षा के संयुक्त शासन सचिव की ओर से जारी आदेश पर आपत्ति जताई है। डॉ. मीना ने बताया कि पीजी के बाद बॉन्ड की अनिवार्यता से मेधावी डॉक्टर सुपर स्पेशलिटी कोर्स करने से वंचित रह सकते है। पीजी बॉन्ड के साथ इतनी राशि की बैंक गारंटी देना किसी भी छात्र के लिए संभव नहीं है। मेडिकल शिक्षा विभाग की ओर से आदेशानुसार नीट सुपर स्पेशलिटी में जाने से पहले सरकार को 25 लाख की बैंक गारंटी देनी होती है। मेडिकल शिक्षा; आदेश पर जार्ड ने आपत्ति दर्ज कराई आदेश में क्या-क्या; सरकारी एवं राजमेस की ओर से संचालित मेडिकल कॉलेजों में पीजी एवं सुपर स्पेशलिटी कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं से 2 साल की सरकारी सेवा प्रदान करने के लिए 25 लाख रुपए का बॉन्ड भरना। {एक साल की सरकारी सेवा पूर्ण करने के बाद आगामी एक साल की यदि सेवा नहीं करना चाहता है, तो 12.5 लाख रुपए की राशि राजकोष में जमा करवाकर एक साल के बॉन्ड से मुक्त हो सकेगा।


