ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने वाले मोहन यादव सरकार के मंत्री विजय शाह को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मंत्री शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही किए जाने के मामले में निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल इसको लेकर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं और सरकार ने बचाव के लिए रणनीति भी तैयार कर ली है। इस बीच परिस्थितियों को देखते हुए मंत्री विजय शाह चौथी बार माफी भी मांग चुके हैं। दिल्ली में सीनयर लीडर से मिले सीएम और प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कल रात में दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की है। इसके साथ ही सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना बचाव पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार शाह को लेकर बैकफुट पर है और कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है, इस पर भी पार्टी और सरकार में मंथन हुआ है। 2 दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया है और शनिवार को मंत्री शाह ने लिखी गई माफी को पढ़कर माफी मांगी है। चौथी माफी में यह बोले मंत्री शाह शाह ने कहा- मैंने पहले भी कई बार कहा है, मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था कि किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज, किसी वर्ग का अपमान हो। वे शब्द निस्संदेह मेरी भावना के अनुरूप नहीं थे। वे शब्द देश भक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकले थे। गलती के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए। आप सब जानते हैं कि मेरी कोई दुर्भावना नहीं थी। मैंने अंत:करण से क्षमा याचना की। कई बार की है। आज फिर कर रहा हूं। मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है कि मेरी छोटी से त्रुटि से ऐसा विवाद उत्पन्न हुआ। मुझे विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में देखा जाएगा। भारतीय सेना के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है और रहेगा। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए ऐसे शब्दों की मर्यादा, संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। इस घटना से मैंने आत्ममंथन किया है। सबक लिया है। जिम्मेदारी मानता हूं। भविष्य में वाणी पर नियंत्रण रहेगा। ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। एक बार पुन: उस मामले में आप सभी नागरिकों से, भारतीय सेना से, सब लोगों से अंत:करण से माफी मांगता हूं। विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- ‘उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।’ शाह ने आगे कहा- ‘अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।’ सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना है जवाब मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का भी रहा है। पार्टी और विधि विशेषज्ञों से राय-मशविरा सूत्रों के अनुसार, इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अटॉर्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी सलाह ली गई है। लंबी चर्चा के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार 9 फरवरी की सुनवाई में समय विस्तार की मांग कर सकती है, जिससे सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है। सरकार ने रिपोर्ट दिल्ली भेजी मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी मंशा से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। इस संबंध में गृह विभाग के एसीएस शिवशेखर शुक्ला, सचिव कृष्णा वेणी देशावतु और अतिरिक्त सचिव मनीषा सेंतिया दिल्ली गए थे। सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदु पर सुनवाई संभावित है, जबकि 11 फरवरी को मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है। तीन सदस्यीय SIT कर रही जांच विजय शाह केस की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है।
————————- यह खबर भी पढ़ें… 1. कैमरा देखकर मुंह छिपाया, गाड़ी में बैठकर निकले विजय शाह कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह शुक्रवार को भोपाल स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उनका ये कार्यक्रम पहले से तय था। पढ़ें पूरी खबर… मंत्री-शाह ने कर्नल सोफिया मामले में चौथी बार माफी मांगी कर्नल सोफिया को लेकर दिए बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से दो दिन पहले प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने एक बार फिर माफी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर…


