भास्कर न्यूज | चिरमिरी एनआरआई चंद्रकांत पटेल को उनके सामाजिक योगदान, विशेष रूप से शिक्षा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र के लिए स्थानीय विभिन्न समाजों ने उनका सम्मान किया। उन्हें सामाजिक कार्यों में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में देखा जाता है। एनआरआई चंद्रकांत पटेल इस साल अपनी मां कुंवर बेन पटेल के शताब्दी वर्ष पर चिरमिरी पहुंचे थे, जहां लोगों द्वारा सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान देने सहयोगात्मक और मानवीय प्रयासों के परिणामस्वरूप, क्षेत्र के लोगों ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया है। बीते 39 वर्षों से अमेरिका में रहने के बाद भी प्रतिवर्ष अपने जन्म भूमि आकार स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के दिशा में इनके द्वारा प्रयास किया जाता रहा है। इनकी भूमिका आमतौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे का विकास या सामुदायिक कल्याण के लिए धन और संसाधन दान करना शामिल होता है। स्थानीय लोग इन योगदानों को पहचानते हैं, जो अक्सर सम्मान समारोहों, पुरस्कारों या सार्वजनिक प्रशंसा के रूप में परिलक्षित होता है। यह सहयोगात्मक भावना न केवल उनके मूल स्थानों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन पर भी सकारात्मक और स्थायी प्रभाव डालती है। बीते शाम डोमनहिल के सुभाष चंद्र बोस क्लब में क्षेत्र के विभिन्न समाज के लोगों ने उनका सम्मान किया। सम्मान समारोह के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठन व समाज के वरिष्ठ और महिलाएं शामिल रहीं। मुस्लिम समाज के माइकन अली ने कहा कि चंद्रकांत पटेल के बीते 39 वर्षों से अमेरिका में रहने के बाद भी प्रतिवर्ष अपने जन्म भूमि आकार स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और जरूरतमंद व गरीब तबके के लोगों का जीवन स्तर को बेहतर बनाने के दिशा में इनके द्वारा प्रयास किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षा के क्षेत्र में मुस्लिम समाज की बच्चियों का कोई रुझान नहीं रहता था, लेकिन पटेल द्वारा क्षेत्र में नर्सिंग व बीएड कॉलेज खोलने से यहां के अन्य समाज की लड़कियों के साथ मुस्लिम समाज की बच्चियां भी शिक्षा ग्रहण कर देश और विदेश के उच्च स्तरीय हॉस्पिटलों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनकी भूमिका आम तौर पर शिक्षा सेवा, बुनियादी ढांचे का विकास या सामुदायिक कल्याण के लिए धन और संसाधन दान करना शामिल होता है। स्थानीय लोग इन योगदानों को पहचानते हैं। सिख समाज के मजीत सिंह ने कहा कि विदेश जाने से पहले इन्हें एक अधिवक्ता और भाजपा के मुख्य सिपाही के रूप में पहचाना जाता रहा, आप शुरू से ही जुझारू रहे और समाज सेवा के प्रति हमेशा संकल्पित रहे विदेश में रहने के बाद भी आपका क्षेत्र के लोगों से लगाव और जरूरतमंद व गरीबों के प्रति आपका स्नेह हमेशा याद रखा जाएगा।


