सुरक्षा, सतर्कता और संभावित आपातकालीन परिस्थितियों के दृष्टिगत कलेक्टर ने अधिकारियों को सौंपे दायित्व

सुरक्षा, सतर्कता और संभावित आपातकालीन परिस्थितियों के दृष्टिगत कलेक्टर ने अधिकारियों को सौंपे दायित्व
अनूपपुर।
राज्य शासन द्वारा सुरक्षा संबंधी सतर्कता और संभावित आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिले में सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हर्षल पंचोली द्वारा वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए जिले में सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों, संस्थाओं तथा आमजन की सुरक्षा की दृष्टिकोण से जिला अनूपपुर अंतर्गत संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान को जिले की समग्र आंतरिक सुरक्षा योजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों की निगरानी, धार्मिक स्थलों विशेषकर अमरकंटक स्थित माँ नर्मदा मंदिर की सुरक्षा, बाहरी व्यक्तियों की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखना उनके दायित्वों में शामिल है। इसके अलावा, सभी सार्वजनिक स्थलों पर 24ग्7 निगरानी, विस्फोटक पदार्थों की जांच, सिम कार्ड विक्रेताओं की केवाईसी दस्तावेजों की जांच और साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तन्मय वशिष्ठ शर्मा को सिविल डिफेन्स अधिनियम 1968 एवं सिविल डिफेन्स रेगुलेशन 1968 में नागरिक सुरक्षा हेतु एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केन्द्र, जन अभियान परिषद आदि के प्रशिक्षित डिफेन्स वालिन्टियर्स सुनिश्चित करने, सिविल डिफेन्स वालिन्टियर्स का पंजीयन सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. वर्मा को जिले के सभी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाइयों, ऑक्सीजन, और चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। ब्लड बैंक की स्थिति, डोनर सूची, चिकित्सकों की उपस्थिति और निजी अस्पतालों की आपातकालीन सेवाएं भी इसमें शामिल हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी को जिले में खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल और गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करनी है। साथ ही, कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। आपदा स्थिति में अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों को आश्रय गृह के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसकी व्यवस्था छात्रावास अधीक्षकों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। लोक निर्माण विभाग को सड़क, पुलों की निगरानी और मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल आपूर्ति व हैण्डपंप मरम्मत के निर्देश मिले हैं। विद्युत विभाग को ट्रांसफार्मर मरम्मत और ब्लैक आउट की स्थिति में एसओपी अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सतर्क किया गया है। संचार व्यवस्था के लिए दूरसंचार अधिकारी को मोबाइल और अन्य नेटवर्क सेवाएं चालू रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनसंपर्क विभाग को शासन के संदेशों एवं अलर्ट को जनमानस तक पहुँचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनूपपुर जिले की सभी नगरपालिकाओं को फायर ब्रिगेड, पेयजल व्यवस्था, सफाई, सायरन व्यवस्था और अलर्ट प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के सभी प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी, कर्मचारियों की जानकारी संबंधित थानों में प्रस्तुत करने तथा एसओपी का पालन करने को कहा गया है।

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