सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग ने सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कीं। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य इंटरनेट के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना था। इस वर्ष सुरक्षित इंटरनेट दिवस की थीम “स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प: एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की खोज” रखी गई थी। उपनिदेशक शिवराज सोनी ने बताया कि शासन सचिव के निर्देश पर विभाग के अधिकारियों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की। कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों, बच्चों, महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर स्वच्छता और डिजिटल जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना था।
जिला मुख्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में मुख्य कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों ने भाग लिया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग, साइबर हाइजीन और आधुनिक साइबर अपराधों जैसे एआई वॉयस क्लोनिंग, डीपफेक वीडियो, एआई चैटबॉट प्रतिरूपण और एआई जनित फिशिंग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। एआई आधारित उपकरणों के सुरक्षित उपयोग के लिए आवश्यक सावधानियों पर भी प्रकाश डाला गया। उपनिदेशक ने यह भी बताया कि जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में भी इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय को एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने जोर दिया कि तकनीक के इस दौर में प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे एआई और इंटरनेट का लाभ उठाते समय संभावित खतरों को पहचानें और उनसे सुरक्षित रहना सीखें।


