सूरजपुर के जेल में बंद कैदियों ने मंगलवार को गंगा स्नान किया। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर बंदियों के आत्मशुद्धि और नैतिक उत्थान के लिए जेल प्रशासन ने गंगा स्नान की विशेष व्यवस्था की। इस दौरान जेल में बने स्नानागार को फूल-मालाओं से सजाया गया। प्रयागराज महाकुंभ से लाए गए पवित्र गंगाजल का पहले विधि-विधान से पूजन किया गया और फिर इसे अस्थायी कुंड में डाला गया। जेल में बंद सभी 347 विचाराधीन बंदियों को बारी-बारी से गंगाजल से स्नान कराया गया। अध्यात्मिक शुद्धि के लिए आयोजन जेलर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कैदियों को अध्यात्मिक शुद्धि का अनुभव कराना और उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाना है। भारतीय संस्कृति में गंगाजल को पवित्र और शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है। कैदियों को मिलेगी मानसिक शांति – जेलर जेलर ने कहा कि गंगाजल से स्नान करने से कैदियों को मानसिक शांति मिलेगी और वे आध्यात्मिक रूप से मजबूत होंगे। इससे उनके भीतर आत्म परिवर्तन और सकारात्मक सोच आएगी। साथ ही उन्हें समाज की मुख्य धारा में जुड़कर बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलेगी।


