सूरजपुर जिले में स्थित रेहर गायत्री भूमिगत कोयला खदान के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। गेतरा, मानी, पोड़ी और जोबगा गांव के लोगों ने खदान को बंद कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि 1997 में उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया गया। लेकिन 25 साल बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही मुआवजा। साथ ही मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है। खदान के मुख्य द्वार पर सैकड़ों पुरुष और महिलाएं धरने पर बैठे हैं। इस विरोध प्रदर्शन से SECL को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। स्थिति को संभालने पहुंचे तहसीलदार ने कहा कि वे SECL प्रबंधन से बातचीत कर समाधान निकालेंगे। प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की बात कही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। अब देखना यह है कि SECL प्रबंधन कब तक ग्रामीणों की सालों पुरानी मांगों पर कार्रवाई करता है।


