सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन:10वीं-12वीं की परीक्षाएं 17 से, 30 मिनट पहले नहीं पहुंचे तो सेंटर में एंट्री नहीं

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की कक्षा-10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 17 मार्च को शुरू होंगी। 10वीं के एग्जाम 11 मार्च, जबकि 12वीं के 10 अप्रैल को संपन्न होंगे। बोर्ड ने नई एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक विद्यार्थियों को अपने परीक्षा केंद्रों में सुबह 10 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश वर्जित होगा। विद्यार्थी ट्रैफिक व मौसम की स्थिति का अनुमान लगाकर तय समय पर पहुंचे। परीक्षा सुबह 10:30 बजे शुरू होगी। इन परीक्षाओं में भारत सहित 27 देशों के 46 लाख से अधिक विद्यार्थियों के शामिल होने की संभावना है। 10वीं व 12वीं में उदयपुर के लगभग 12 हजार विद्यार्थी शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 10वीं के विद्यार्थियों को साइंस व सोशल साइंस के प्रश्नपत्रों में उत्तर लिखते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। सही उत्तर लिखने के बाद भी अंक आवंटित नहीं होने की आशंका है। नोटिफिकेशन के अनुसार वर्ष-2026 में आयोजित की जाने वाली 10वीं बोर्ड की परीक्षा में विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के प्रश्न पत्रों को क्रमशः तीन व चार भागों में विभाजित किया गया है। विद्यार्थियों को इन प्रश्नपत्रों के उत्तर भी भागवार ही लिखने होंगे। भास्कर एक्सपर्ट-देव शर्मा, परीक्षा विशेषज्ञ उत्तर पुस्तिका में विषय के आधार पर स्थान तय करें विज्ञान का पेपर फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी 3 भागों में बंटा होगा। विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका को 3 भागों में बांटकर ही उत्तर लिखने होंगे। सामाजिक विज्ञान का प्रश्नपत्र हिस्ट्री, जियोग्राफी पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स के रूप में चार भागों में बंटा होगा। यहां भी उत्तर चार अलग-अलग भागों में ही देने होंगे। विद्यार्थियों को यह विशेष ध्यान रखना होगा कि उत्तर पुस्तिका में हिस्ट्री के लिए निर्धारित स्थान में किसी अन्य विषय जैसे ज्योग्राफी, पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स के प्रश्नों के उत्तर नहीं लिखे। साइंस के प्रश्नपत्र में केमिस्ट्री विषय के लिए निर्धारित स्थान में किसी अन्य विषय जैसे फिजिक्स, बायोलॉजी के उत्तर नहीं लिखे। विद्यार्थी उत्तर पुस्तिका में विषय के आधार पर स्थान निर्धारित कर लें। उसे निर्धारित स्थान में संबंधित विषय के उत्तर ही लिखें। 10वीं बोर्ड परीक्षा में सफलता के लिए अब सब्जेक्ट कंटेंट व टाइम मैनेजमेंट के साथ ही स्पेस मैनेजमेंट भी महत्वपूर्ण है। साइंस सब्जेक्ट में विद्यार्थी को यह समझना होगा कि उसे फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी विषय के कितने प्रश्नों के उत्तर उसे प्रत्यक्षत: पता हैं। कितने प्रश्नों को विचार करने के बाद वह हल कर सकता है। बाद में हल किए जाने वाले प्रश्नों के लिए कितना स्थान देना होगा इसका निर्धारण आवश्यक है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *