सेटेलाइट अस्पताल में मरीज बढ़ने से जगह कम, सामुदायिक भवन के उपयोगी की अनुमति मांगी

वार्डों में बेड की संख्या बढ़ाई जा सकेगी अस्पताल के पीएमओ डॉ प्रमिला मीणा ने निदेशक (जन स्वास्थ्य), जयपुर को पत्र लिखकर मांग की है कि चिकित्सालय के ठीक बगल में स्थित युवरानी महेन्द्रा कुमारी सामुदायिक भवन सेक्टर-4, काला कुआं को अस्पताल संस्थान को उपलब्ध कराया जाए। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो सैटेलाइट अस्पताल का विस्तार हो सकेगा। इससे वार्डों में बेड की संख्या बढ़ाई जा सकेगी और वेटिंग एरिया में भीड़ कम होगी। प्रशासन जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय लेगा ताकि अलवर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। भास्कर न्यूज | अलवर व्यस्तम इलाकों में शुमार काला कुआं स्थित राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय में बढ़ते मरीजों के दबाव और जगह की कमी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सरकार से अतिरिक्त भवन की गुहार लगाई है। जिला मुख्यालय पर जिला अस्पताल के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र है, जहाँ सुविधाओं के विस्तार की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। यहां मरीजों के आंकड़ों पर नज़र डालें तो यहां प्रतिदिन औसतन 1000 से 1200 मरीज परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। वही यहां 50 बेड की स्वीकृति है लेकिन जगह की कमी के चलते 40 बेड ही लगा रखे है। यहां सामान्यतया 35 से 40 मरीज जिनमें सामान्य मरीज और गर्भवती व प्रसुताएं शामिल है, भर्ती रहती है। मरीजों की इतनी बड़ी संख्या के मुकाबले अस्पताल का वर्तमान परिसर छोटा पड़ रहा है, जिसके कारण आए दिन गैलरी और वार्डों में भारी भीड़-भाड़ की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल मरीजों को परेशानी होती है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है। गौरतलब है कि सेटेलाइट अस्पताल में मदर लैब की स्थापना की गई है। इसके बाद यहां 148 जांचों की सुविधा होगी साथ ही अन्य निचले स्तर के चिकित्सा संस्थानों में नहीं होने वाली जांचों के सैंपल लेकर यहां भेजे जाएगें। यहां इसकी स्थापना के लिए दवा स्टोर का बड़ा हॉल लैब के लिए दिया है। इसके चलते भर्ती मरीजों के लिए स्वीकृत 50 बेड़ में कमी करनी पड़ी है। वही अस्पताल के दो मंजिला भवन पर तीसरी मंजिल भी नहीं बनाई जा सकती क्योंकि एनएचएम सिविल विंग के इंजीनियर्स ने सर्वे कर बताया कि यहां नीचे का ढांचा इतना मजबूत नहीं है कि तीसरी मंजिल बनाई जा सके। सेटेलाइट अस्पताल में ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़।

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