पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का आसमान मंगलवार को धमाकों और लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ‘अग्नि वर्षा’ युद्धाभ्यास और ‘वायुशक्ति-26’ के फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान आकाशवीरों ने दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों पर सटीक प्रहार कर उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया। अभ्यास के तहत जैसे ही दुश्मन के हमले की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, कुछ ही देर में वायुसेना के फाइटर जेट्स ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। एक के बाद एक लक्ष्य साधते हुए ठिकानों को ध्वस्त किया गया। पूरे क्षेत्र में धमाकों की गूंज और आसमान में उड़ते विमानों का दृश्य युद्ध जैसे हालात पेश कर रहा था। ड्रोन से बनाया देश का नक्शा
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद ड्रोन शो का आयोजन किया गया। इसमें वायु सेना ने देश का नक्शा बनाने के साथ ही बीच में अशोक स्तंभ भी बनाया गया। ड्रोन शो के दौरान आतिशबाजी की और एयरफोर्स का प्रतीकात्मक विमान भी दिखाया गया। युद्धाभ्यास को 25 देशों के विशेषज्ञों ने देखा युद्धाभ्यास को 25 देशों के विदेशी रक्षा पत्रकारों और विशेषज्ञों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने थार के रेगिस्तान में भारतीय वायुसेना की गति, सटीकता और समन्वय की सराहना की। विशेषज्ञों के लिए यह ‘कंबाइंड आर्म्स फॉर्मेशन’ की कार्यप्रणाली को समझने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। विमानों ने ‘सुदर्शन फॉर्मेशन’ बनाया वॉर जोन में आकाश मिसाइल प्रणाली ने लक्ष्य को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस दौरान प्रचंड हेलीकॉप्टरों ने गड़गड़ाहट के साथ युद्ध क्षेत्र में प्रवेश किया। दो जगुआर विमानों ने ‘सुदर्शन फॉर्मेशन’ बनाकर टारगेट एरिया की ओर बढ़त बनाई और सटीक बमबारी की। देशभर के 8 एयरबेस से आए विमान वायु शक्ति के फुल ड्रेस रिहर्सल में वायुसेना के मिराज 2000, राफेल, तेजस, प्रचंड, मिग 27, जगुआर, तेजस, हावक, मिग 21, एमआई 35 व मिग 35 सहित कई फाइटर विमानों ने दुश्मनों के ठिकानों के साथ उनकी मंशा को भी तबाह कर दिया। एक ही समय में दुश्मन के ठिकानों पर लगातार बमों की बौछार कर उन्हें मलबे के ढेर में बदल दिया। मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को होगा। जिसकी मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे।


