सेवा भारतीय संस्कृति की मूल भावना विद्यार्थियों में विकसित होना जरूरी

रामगढ़ | विद्या भारती की योजना के तहत प्रतिवर्ष आयोजित समर्पण पखवाड़ा को लेकर शुक्रवार को शहर के गोला रोड स्थित रामप्रसाद चंद्रभान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में प्रेरणादायक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समर्पण पखवाड़ा के दौरान विद्यालय परिवार द्वारा समाज के गरीब व जरूरतमंद बच्चों के सहयोग के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षण सामग्री, पुस्तकें, कॉपियां, वस्त्र एवं भोजन की व्यवस्था की जाती है। जिससे समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहायता मिल सके। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-ढ़कर इस कार्य में सहभागिता निभाते हुए अपने सामर्थ्य के अनुसार राशि दान की। विशेष रूप से स्कूल के कई छात्र किंशु, सक्षम, सृष्टि, वैभव ने अधिकतम राशि का सहयोग प्रदान कर समाज सेवा की उत्कृष्ट भावना का परिचय दिया। ऐसे उदार एवं प्रेरणादायी छात्र-छात्राओं को विद्यालय के वंदना सभागार में मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण और शिशु मंदिर प्रमुख आचार्य महेश्वर महतो ने कहा कि समर्पण और सेवा भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। विद्यार्थियों में बचपन से ही सेवा भाव विकसित होना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए आगे भी इसी प्रकार सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। समारोह का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और सामाजिक संवेदनशीलता से परिपूर्ण रहा।

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