सेवा से नेतृत्व तक:IIM इंदौर उद्यम संवाद से मिली प्रबंधन और मरीज-केंद्रित सोच

जब किसी पेशे में सेवा का भाव और प्रबंधन की समझ जुड़ जाती है, तो समाज में उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। श्री सिद्धि विनायक मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, रूपवास से जुड़े डॉ. बनवारी राजावत इसी सोच के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य ऐसे क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जहां मरीजों को इलाज के लिए भरतपुर या आगरा जैसे शहरों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। IIM इंदौर में दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित उद्यम संवाद लीडरशिप प्रोग्राम ने उन्हें अस्पताल प्रबंधन, सेवा व्यवस्था और नेतृत्व से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सीख दी। कार्यक्रम के दौरान यह समझ मिली कि किसी भी संस्थान को बेहतर तरीके से कैसे संचालित किया जाए और मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए सेवाओं को कैसे विकसित किया जाए। डॉ. बनवारी राजावत का मानना है कि किसी भी काम में सफलता के लिए ईमानदारी, मेहनत और सकारात्मक व्यवहार सबसे जरूरी हैं। उनका संदेश है ग्राहक या मरीज को हमेशा सम्मान दें, क्योंकि वही किसी भी सेवा की असली ताकत और विश्वास का आधार होता है।

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