सेहतमंद मंईयां,सशक्त झारखंड:बजट में किसान-युवा संतुलन पर जोर, योजना बजट का सबसे अधिक 34% हिस्सा महिलाओं के नाम, स्वास्थ्य पर फोकस

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख 560 करोड़ का ‘अबुआ दिशोम बजट’ पेश किया। इसमें किसान-युवा संतुलन, स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण और महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया गया है । योजना बजट का सर्वाधिक 34% हिस्सा महिलाओं के नाम करते हुए ‘सेहतमंद मंईयां-सशक्त झारखंड’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाया गया है। यह बजट पिछले वर्ष से 9% अधिक है। सरकार ने न कोई नया टैक्स लगाया है और न ही पुराने करों में बढ़ोतरी की है। वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 13595 करोड़ 96 लाख होने का अनुमान है। वहीं, आर्थिक विकास दर वर्तमान मूल्य पर 10.03% रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना जारी रहेगी। इस पर 1465 करोड़ 57 लाख रुपए खर्च होंगे। अन्य सभी कल्याणकारी योजनाओं को भी अगले साल जारी रखने का प्रस्ताव है। बजट में सामान्य क्षेत्र के लिए 32,055.83 करोड़, सामाजिक क्षेत्र के लिए 67,459.54 करोड़ और आर्थिक क्षेत्र के लिए 59,044.63 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बच्चों से संबंधित 138 योजनाओं के आधार पर 10,793 करोड़ 16 लाख रुपए का बाल बजट तैयार किया गया है, जो कुल योजना आकार का लगभग 10.7% है। वहीं 17 विभागों की 232 योजनाओं के आधार पर 34,211 करोड़ 27 लाख रुपए का जेंडर बजट प्रस्तावित है। सरकार ने झारखंड स्टेबिलाइजेशन फंड के गठन की घोषणा की है, जिसमें इस वर्ष 1,209 करोड़ रुपए रखे जाएंगे। वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य राजस्व घाटे से गुजर रहा है। संसाधन बढ़ाने के लिए पीपीपी, सीएसआर और बाहरी एजेंसियों से सहयोग लिया जाएगा।
अपने पैरों पर सफलता हासिल करेंगे…
केंद्र पर निशाना साधते वित्त मंत्री ने कहा कि किसी के पैरों पर गिरकर नहीं, अपने बूते चलकर सफलता हासिल करेंगे। दावा किया कि संसाधनों की कमी के बावजूद कर्मचारियों का वेतन समय पर दिया जा रहा है और विकास कार्य रुके नहीं हैं। मंत्री के अनुसार केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के लगभग 5 हजार करोड़, विभिन्न अनुदानों के 11 हजार करोड़ और कोयला कंपनियों के 1.36 लाख करोड़ राज्य को नहीं मिले हैं। राज्य को 11 हजार करोड़ की अतिरिक्त जरूरत है।

जानिए जीवन से जुड़े 6 महत्वपूर्ण सेक्टर को क्या मिला ऊर्जा : निर्बाध आपूर्ति के लिए मजबूत नेटवर्क मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत 450 करोड़ से ग्रामीण-शहरी विद्युतीकरण मजबूत होगा। 800 करोड़ नवीकरणीय ऊर्जा पर खर्च होंगे। बिजली वितरण निगम को 600 करोड़ और ऊर्जा संचरण निगम को 1,500 करोड़ ऋण दिया जाएगा। लक्ष्य है लाइन लॉस कम करना, निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और स्वच्छ ऊर्जा की ओर राज्य को आगे बढ़ाना। पेयजल : 7,929 नलकूप, हर घर नल की तैयारी वित्तीय वर्ष 2026-27 में शेष 7,929 ग्राम पंचायतों में नलकूप लगाए जाएंगे। जल जीवन मिशन के तहत 62.55 लाख ग्रामीण परिवारों में से 34.46 लाख को नल कनेक्शन मिल चुका है। बाकी परिवारों को भी जोड़ा जाएगा। नए घरों और जिनमें शौचालय नहीं है, वहां नया निर्माण कराया जाएगा। हालांकि चालू वर्ष में केंद्रांश नहीं मिलने से चुनौती बनी हुई है। सड़क: 35 फ्लाईओवर से मिलेगी जाम से राहत राज्य में पथ घनत्व को राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लिए 785 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन किया जाएगा। 1,200 किलोमीटर सड़कों का सुदृढ़ीकरण होगा। 35 नए फ्लाईओवर और रोड ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। प्रमुख सड़कों को फोरलेन में बदला जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, यात्रा समय घटेगा और ईंधन खपत व प्रदूषण में कमी आएगी। रोजगार : कौशल विकास-स्टार्टअप पर फोकस कौशल विकास योजनाओं के तहत 6 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन, नए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर जोर है। स्वरोजगार, स्टार्टअप और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। युवाओं को इसके लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। सिंचाई : अमानत बैराज तीन साल में पूरा होगा पुरानी योजनाओं के पुनस्थापन, जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर 121 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पलामू के अमानत बैराज को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे 12,856 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी। लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 215 करोड़ रखे गए हैं। सरकार का फोकस खेती की उत्पादकता बढ़ाने और सूखा प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने पर है। सुरक्षा: जैमर और हाई-टेक निगरानी प्रणाली पुलिस आधुनिकीकरण, नए थानों और भवनों का निर्माण होगा। अत्याधुनिक संचार उपकरणों की खरीद और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। सभी जेलों में मोबाइल जैमर और हाई-टेक निगरानी प्रणाली स्थापित होगी। अग्निशमन सेवाओं को अपग्रेड किया जाएगा, आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को तेज और प्रभावी बनाने पर भी इस बार के बजट में विशेष जोर दिया गया है।

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