लव कुमार दूबे नगरपालिका चुनाव के मद्देनजर वार्ड संख्या-तीन की तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है। यहां नालियां जर्जर हैं और बरसात के दिनों में गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है। नियमित सफाई नहीं होने से स्थिति और बदतर हो जाती है। विडंबना यह है कि वार्डवासी नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स का भुगतान करते हैं, फिर भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। शहरी क्षेत्र में होने के बावजूद रेलवे क्रॉसिंग पार स्थित सोनपुरवा मोहल्ला मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी जूझ रहा है। यहां अधिकांश मजदूर वर्ग के लोग निवास करते हैं। सड़क तो बनी है, लेकिन पीने के पानी की गंभीर समस्या है। पाइप लाइन बिछाई गई, पर अब तक घरों में कनेक्शन नहीं दिया गया। वार्ड के 20-25 प्रतिशत आबादी इसी क्षेत्र में रहती है और आज भी चापानलों पर निर्भर है। लोगों को 100 से 300 मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। गर्मी के दिनों में चापानल सूख जाने पर लोगों को गढ़वा टाउन रेलवे स्टेशन से पानी लाना पड़ता है। सुबह के समय चापानल पर भीड़ के कारण कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। स्थानीय निवासी राजकुमार राम, ज्योति देवी, मुकेश कुमार, वीरेंद्र चंद्रवंशी और सुशील चौबे ने बताया कि पानी की समस्या वर्षों से बनी हुई है। पाइप लाइन बिछाकर छोड़ दिया गया है, लेकिन जलापूर्ति शुरू नहीं हुई।आर्थिक रूप से सक्षम लोगों ने निजी बोरिंग करवा ली है, परंतु गिरते जलस्तर के कारण गरीब परिवार ऐसा करने में असमर्थ हैं। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है। मोहल्ले में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है, जिससे गरीबों के कुछ छोटे बच्चे प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हैं। रेलवे क्रॉसिंग और व्यस्त सड़क के कारण अभिभावक छोटे बच्चों को एक किलोमीटर दूर स्थित शालीग्राम स्कूल भेजने से कतराते हैं। वार्ड संख्या-तीन, कुल वोटर की संख्या 2162, महिला वोटर 1076, पुरुष-1086, क्षेत्र- मझिआंव मोड़ से दाहिनी ओर मदरसा रोड होते हुए रेलवे लाइन पार सोनपुरवा मोहल्ला तक का आंकड़ा और समस्या। रेलवे उस पार सोनपुरवा मोहल्ले में पाईप लाईन बिछाई गई है। मगर कनेक्शन नहीं दिया गया है। जिससे लोगों को पानी नहीं मिल पाता है। वार्ड के विभिन्न गलियों में पीसीसी सड़कें बनाई गई हैं और अधिकांश क्षेत्रों में नालियों का निर्माण भी हुआ है। साथ ही सरकार की आवास, पेंशन और राशन योजनाओं का लाभ लोगों को मिला है। गढ़वा निकाय चुनाव 2026


