अमृतसर| 1000 वर्ष पूर्व महमूद गजनबी के आक्रमण के दौरान खंडित हुए सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों के दर्शन का सौभाग्य अब अमृतसर के भक्तों को मिलेगा। एक परिवार ने खंडित 11 टुकड़ों को 1000 साल बचाकर रखा, अब आर्ट ऑफ लिविंग संस्था इनके दर्शन करा रही है। इसी कड़ी में 20 फरवरी को शिवाला बाग भाइयां में सुबह 8 से 10 बजे श्रद्धालु इनके दर्शन कर सकेंगे। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधि यतीश कुमार ने बताया कि कुछ अग्निहोत्री ब्राह्मण शिवलिंग के टुकड़ों को सुरक्षित दक्षिण भारत ले गए थे, जहां पीढ़ियों तक गुप्त पूजा होती रही। 1924 में कांची के शंकराचार्य के निर्देशानुसार, 100 वर्षों की गुप्त पूजा के बाद जनवरी 2025 में 11 शिवलिंग श्री श्री रविशंकर जी को सौंपे गए। वैज्ञानिक सर्वेक्षण में पाया कि यह शिवलिंग जिस पदार्थ से बने हैं वह धरती का नहीं है। अब गुरुदेव की आज्ञानुसार सोमनाथ शिवलिंग पूरे भारत में भ्रमण करेंगे ताकि सब दर्शन कर सकें।


