सोयाबीन के भाव में सोमवार को सीधी 200 रुपए की गिरावट आ गई। प्लांट ने 5750 वाले ऑफर सोमवार को दोपहर में 5400 से 5425 में बदल दिए। देखा जाए तो उज्जैन मंडी का नीलाम 11 बजे शुरू हुआ तो मंडी 100 रुपए घटकर बिकी। प्लांट ने भाव 12 बजे बाद खोले। ऐसे में खरीदार को 100 का अतिरिक्त नुकसान भी लग गया। सोमवार को दिनभर सोयाबीन व्यापारियों में भाव को लेकर मंथन चलता रहा। इसे पशु आहार के आयात को जोड़कर भी देखा गया। सोया खली का निर्यात जीरो होने पर भी घबराहट में भाव का स्तर नीचे आ गया। मंडी नीलाम में 5600 से 6060 रुपए के भाव रहे। डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का सोयाबीन किसानों ने नीलाम में बेचा। इसके खरीदार 100% प्लांट वाले ही रहे। मोटर बिल्टी का व्यापार करने वाले तो लंबे समय से अपने भाव पर सोयाबीन नहीं खरीद पा रहे है। इधर स्टॉक वाले करीब 60% महंगे भाव पर सोयाबीन बेचकर 700 रुपए क्विंटल से अधिक का लाभ पहले ही ले चुके हैं। 40% तो 6000 और 7000 रुपए की संभावना में होल्ड कर गए। अब जो भाव चल रहे हैं वह नुकसान वाले ही बने रहे। सोयाबीन कारोबारी के अनुसार 200 से 250 रुपए की गिरावट आई तो अब 50 रुपए का सुधार भी आ सकता है। कम भाव का व्यापार करने वाले तो भाव 5000 से भी कम बताने लगे है। इधर सोयाबीन भावांतर में बेचने वालों को कोई नुकसान भी नहीं हो रहा। होल्ड करने वाले ही तादाद कम रहने से किसानों में हाहाकार की स्थिति नहीं है।


