भास्कर न्यूज| चन्दवारा डीवीसी की ओर से लगाए जा रहे सोलर प्लांट के विरोध में प्रखंड के डीवीसी विस्थापित संघर्ष समिति उरवाँ का धरना बुधवार को 21वाँ दिन भी जारी रहा। धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव, समिति के संयोजक कृष्णा यादव समेत सैकड़ो ग्रामीण मौजूद थे। मौके पर पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने कहा कि डीवीसी प्रबंधन बातचीत से बच रहा है। जिला प्रशासन व डीवीसी कोई पहल नही कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीणों की मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि 1950 से डीवीसी उरवां, कोटवारडीह और जामुखांडी गांवों के साथ छल कर रही है। उनकी प्रमुख मांगें हैं कि डीवीसी द्वारा दी गई जमीन की रसीद जारी की जाए। डैम में मछुआरों और केज उत्पादकों के लिए वित्तीय व्यवस्था हो। प्रभावित गांवों में मुफ्त पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई की सुविधा मिले। विस्थापित रैयतों को बकाया मुआवजा और जमीन का पर्चा दिया जाए। झारखंड सरकार के नियम के अनुसार 75% स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार मिले। डीवीसी फॉर्म के अंदर खेल मैदान और हेल्थ केयर सेंटर बने। उरवां पंचायत में 100 बेड का अस्पताल बनाया जाए। डीवीसी जलाशय तक 25 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण हो। अध्यक्षता सैयद इबरार व संचालन शितल कुमार यादव ने किया। मौके पर मोती दास, मोहम्मद अनवर, अरुण कुशवाहा, मथुरा यादव, मनोज राम, दौलत यादव, कैलाश पासवान, कैलाश यादव, बसंती देवी, मोहिनी देवी, आरती देवी, मीना देवी, बबीता देवी, मालती देवी, बिंदेश्वर यादव, प्रकाश रविदास, यादव समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।


