डूंगरपुर के धम्बोला थाना क्षेत्र में एक स्कूटी की टक्कर से 8 वर्षीय स्कूली छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने ‘मौताणे’ की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस की समझाइश और नियमानुसार आर्थिक सहायता के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। यह घटना बुधवार दोपहर साकरसी गांव में हुई, जब छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी। स्कूटी की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे उदयपुर रेफर किया गया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। शुक्रवार सुबह परिजनों ने बालिका का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने ‘मौताणे’ की मांग करते हुए शव को स्कूटी मालिक के घर के आंगन में रख दिया, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही धम्बोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित लोगों से समझाइश कर शव को स्कूटी मालिक के घर से हटवाकर मृतका के घर पहुंचाया। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई।
इसके बाद पुलिस ने परिजनों को सरकार की ओर से नियमानुसार आर्थिक सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।


