कोंडागांव में 14 फरवरी को एक अनूठी पहल देखने को मिली, जहां स्कूली बच्चों ने वैलेंटाइन डे की जगह पुलवामा शहीद दिवस और मातृ-पितृ दिवस मनाया। भारत स्काउट एवं गाइड जिला संघ से जुड़े शासकीय प्राथमिक शाला मुरारीपारा बड़ेबेंदरी और देवखरगांव में कब-बुलबुल टीम के छात्र-छात्राओं ने इस विशेष दिन को याद किया। कार्यक्रम की शुरुआत पुलवामा के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। बच्चों ने शहीदों की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित किए और पुष्प अर्पित किए। एडवांस कब-मास्टर पवन कुमार साहू ने बच्चों को पुलवामा हमले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी 2019 को दोपहर 3 बजे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने जम्मू-कश्मीर के नेशनल हाईवे पर CRPF के काफिले पर हमला किया था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इसी दिन बच्चों ने मातृ-पितृ दिवस भी मनाया। छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता को सम्मान देते हुए उन्हें उच्च आसन पर बिठाया। कुमकुम, तिलक और अक्षत लगाकर उनकी आरती उतारी। बच्चों ने माता-पिता की सात परिक्रमा की और जीवन भर उनकी सेवा करने का संकल्प लिया। शासकीय प्राथमिक शाला देवखरगांव की शिक्षिका राधिका दीवान ने कहा कि माता-पिता संसार की सबसे अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि माता-पिता की सेवा करना और उनकी बातों का सम्मान करना हर बच्चे का कर्तव्य है। इस तरह के आयोजन से बच्चों में देशभक्ति और संस्कारों का बीजारोपण किया गया।


