भास्कर न्यूज | जालंधर शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों की ग्रेडिंग के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन (डीजीएसई) द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी, एलीमेंट्री सहित सभी अधिकारियों को नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें सरकारी प्राइमरी, मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को शामिल किया जाएगा। स्कूलों में कंपीटिशन बढ़ाने और स्कूलों में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी इस ग्रेडिंग के जरिए मिल सकेगी। वहीं, इस ग्रेडिंग के जरिए स्कूलों में किए जा रहे अच्छे कामों के बारे में भी विभाग को सूचना मिलेगी। जबकि स्कूल हेड्स द्वारा स्टूडेंट्स के विकास के लिए सालाना योजना भी तैयार की जा सकेगी। सभी स्कूल हेड्स और प्रिंसिपल्स को डेटा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया है। विभाग द्वारा स्कूलों को 20 दिसंबर तक ई-पंजाब पोर्टल पर सारी जानकारी भरने के लिए कहा है ताकि ग्रेडिंग के लिए सही जानकारी उपलब्ध हो सके। विभाग द्वारा ग्रेडिंग के लिए कुछ मानक निर्धारित किए हैंऔर इन मानकों को ध्यान में रखते हुएही स्कूलों में ग्रेडिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इन मानकों में स्कूल के स्टूडेंट्स का नतीजा, अध्यापकों कीउपलब्धता, स्कूल में मौजूद बुनियादी ढांचा, स्कूल में करवाई जाने वाली कोएक्सट्रा करिकुलम एक्टीविटी,विद्यार्थियों की हाजिरी , एसएमसी औरआम लोगों का स्कूल में योगदान को रखा गया है। यह सारा डाटा ई पंजाब स्कूल पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। इसके लिए ई-पंजाब पोर्टल पर स्कूल लॉग इन कर अन्य डिटेल लिंक के अधीन स्कूल ग्रेडिंग लिंक पर भरना होगा। वहीं, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को ही उनके नोडल के अधीन आते प्राइमरी स्कूलों का डाटा भी ऑनलाइन भरना होगा। इसके लिए विभाग द्वारा ई-पंजाब पोर्टल पर ई-लिंक दिया गया है। हर मॉड्यूल के अधीन अलग जानकारी भरनी जरुरी है। ग्रेडिंग स्टेट और जिला के मुताबिक होगी। जिसमें उस स्कूल की इन सभी उपलब्धियों को जांचने के बाद ही उन्हें ग्रेड दिया जाएगा। इस ग्रेडिंग के लिए पांच पैमाने तय किए गए हैं। इनमें स्कूल का रिजल्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, को-करिकुलर एक्टिविटीज, एसएमसी व आम जनता का योगदान और स्टूडेंट्स की हाजिरी।इस ग्रेडिंग में प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी सरकारी स्कूलों को हिस्सा लेना होगा। इस ग्रेडिंग का इस्तेमाल जिले में पहला स्थान हासिल करने वाले स्कूलों को सम्मानित करने के लिए भी किया जाएगा। साथ ही स्कूलों में कंपीटिशन की भावना का विकास हो और स्कूलों द्वारा अपने स्तर पर किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी शिक्षा विभाग तक पहुंच सके इसके लिए भी इस जानकारी का इस्तेमाल किया जाएगा। जिक्रयोग है कि जिन स्कूलों को पहला स्थान आने पर सम्मानित किया जाएगा, उनके लिए मानक तय किए गए हैं। इनमें को एक्सट्रा करिकुलम एक्टीविटी, विद्यार्थियों की हाजिरी व अन्य गतिविधियां मुख्य रखी गई हैं।


