शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन आज पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। झुंझुनूं शहर के मण्डावा मोड़ पर ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर स्कूल बसों (बाल वाहिनियों) की सघन चेकिंग की। इस कार्रवाई से स्कूल संचालकों और बस चालकों में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम सांखला के नेतृत्व में की गई। इस विशेष अभियान में तीन विभाग शामिल थे। इस दौरान यातायात नियमों की पालना, वाहनों के दस्तावेज और तकनीकी फिटनेस की जांच की गई। शिक्षा विभाग। कि ओर से विभागीय गाइडलाइंस और सुरक्षा मानकों की मॉनिटरिंग की गई। 46 वाहनों की हुई जांच मण्डावा मोड़ पर कैम्प लगाकर टीम ने सुबह-सुबह स्कूलों की ओर जा रही बसों को रोककर उनकी बारीकी से जांच की। जांच के दौरान मुख्य रूप से सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और परिवहन विभाग के सुरक्षा मानकों को आधार बनाया गया। 46 बाल वाहिनियों की जांच की गई। 15 वाहनों के विभिन्न कमियों के चलते चालान काटे गए। नियमों के गंभीर उल्लंघन पर RTO विभाग द्वारा एक बाल वाहिनी को मौके पर ही सीज कर दिया गया। शिक्षा विभाग की सख्त चेतावनी मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के ACBO संजय कुमार ने बताया कि विभाग की स्पष्ट गाइडलाइंस हैं कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि: शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार ही स्कूल बसों का संचालन अनिवार्य है। आज की कार्रवाई एक शुरुआत है और अब पूरे जिले में अभियान चलाकर इसी तरह औचक निरीक्षण किया जाएगा। इन मानकों की हुई जांच बस में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) उपलब्ध है? चालक के पास वैध लाइसेंस और वाहन के फिटनेस दस्तावेज हैं या नहीं? क्षमता से अधिक बच्चे तो नहीं बिठाए गए हैं? बस पर ‘स्कूल बस’ और हेल्प लाइन नंबर स्पष्ट लिखे हैं या नहीं?


