स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी:कोंडागांव में 37 बसों की जांच, अनुभवहीन ड्राइवर से लेकर परमिट तक नहीं मिले

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में जिले में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान स्कूली बसों की जांच में कई चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। जिला परिवहन विभाग द्वारा की गई इस जांच में कई स्कूल बसों में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गईं। जिला परिवहन अधिकारी अतुल आसैया के नेतृत्व में 1 से 31 जनवरी तक चल रहे 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत 37 स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया। जांच में कई खामियां सामने आईं, जिनमें अनुभवहीन चालक, वैध परमिट की कमी, समाप्त प्रदूषण प्रमाण पत्र और सुरक्षा उपकरणों की कमी प्रमुख थीं। जांच में पाई कई खामियां विशेष रूप से, गिरीदीप स्कूल, केशकाल की दो बसों के चालकों के पास आवश्यक 5 वर्ष का अनुभव नहीं था। शिप्रा स्कूल, केशकाल और चावरा स्कूल, कोंडागांव की बसों में परमिट नहीं मिले। मदर टेरेसा स्कूल, बोरगांव की बस में अग्निशमन यंत्र की वैधता समाप्त पाई गई। वरा स्कूल की एक अन्य बस में प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं था और मानक रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे थे। परिवहन अधिकारी ने इन खामियों को गंभीरता से लिया और संबंधित स्कूलों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल अपनी बसों को तुरंत सुरक्षा मानकों के अनुरूप दुरुस्त करें। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिले में चल रहे जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे।

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