सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित निजी विद्यालय में 9 फरवरी 2026 को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर यह शिविर आयोजित किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को कानून संबंधी बुनियादी जानकारी प्रदान करना था। शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवचरण पटेल ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। पटेल ने ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कार्यक्रम के दौरान पॉक्सो अधिनियम पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसमें बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त, छात्रों को संविधान में निहित मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों से अवगत कराया गया। उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। मोबाइल के दुष्प्रभाव बताए न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनोरम तिवारी ने मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि मोबाइल का अनियंत्रित प्रयोग उनकी पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए कई सवालों के व्यावहारिक उत्तर भी दिए गए। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी अमित शर्मा, अधिवक्ता योगेश शाह, विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया गया।


