स्कूल में सरस्वती माता की मूर्ति तोड़ने का विरोध:कहा-प्रिंसिपल ने मामला दबाया,गांव के कुछ युवकों ने हथोड़े से तोड़ी थी

Alwar जिले के चिमरावली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सरस्वती माता की मूर्ति तोड़े जाने के बाद बुधवार को स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन हुआ। खटीक समाज युवा मंडल ने 26 जनवरी को विद्यालय को मूर्ति भेंट की थी और 20 फरवरी को विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा करवाई गई थी। आरोप है कि 26 फरवरी की रात कुछ युवकों ने हथौड़े से मूर्ति के हाथ-पैर तोड़ दिए। सुबह प्रिंसिपल मंजू शर्मा ने घटना की सूचना दी। समाज के धीरज का कहना है कि गांव के कुछ युवकों ने मूर्ति तोड़ने की बात स्वीकार करते हुए दूसरी मूर्ति लगाने की बात कही। आरोप यह भी है कि मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई और इसे बच्चों द्वारा खेलते समय मूर्ति टूटने की बात बताकर दबाने की कोशिश की गई। मूर्ति तोड़े जाने और बिना सहमति दूसरी मूर्ति लगाए जाने के विरोध में खटीक समाज युवा मंडल के सदस्य व ग्रामीण स्कूल पहुंचे और जमकर विरोध जताया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा नई मूर्ति को विधि-विधान से स्थापित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई।

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