भास्कर न्यूज |लुधियाना स्क्रैप ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान जतिंदरपाल सिंह खुराना, चेयरमैन जरनैल सिंह खेड़ा और उप प्रधान परमजीत सिंह खुराना ने कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार को अन्य उद्योगों की तरह स्क्रैप कारोबारियों के हितों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्क्रैप उद्योग किसी भी औद्योगिक ढांचे की मजबूत कड़ी है, क्योंकि यही क्षेत्र विभिन्न उद्योगों को पुनर्चक्रित कच्चा माल उपलब्ध कराता है। बताया कि लोहा, प्लास्टिक, तांबा और अन्य धातुएं रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के माध्यम से दोबारा औद्योगिक उत्पादन में शामिल होती हैं। इससे न केवल उत्पादन लागत कम होती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। इसके बावजूद वर्तमान समय में स्क्रैप कारोबारी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर रोड ट्रैफिक विभाग और जीएसटी विभाग की कार्रवाइयों के कारण छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव बन रहा है। उप प्रधान परमजीत सिंह खुराना ने कहा कि स्क्रैप कारोबार रीसाइक्लिंग उद्योग की रीढ़ की हड्डी है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी विभाग के कुछ अधिकारी बिना ठोस कारण के कारोबारियों को परेशान करते हैं। जो व्यापारी पूरी पारदर्शिता के साथ टैक्स जमा कराते हैं, उन्हें भी बार-बार नोटिस और जांच का सामना करना पड़ता है, जबकि फर्जी बिलों के जरिए सरकार को नुकसान पहुंचाने वालों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती। एसोसिएशन ने पंजाब सरकार से मांग की है कि स्क्रैप कारोबार से जुड़े विभागों को सहयोगात्मक और संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही स्पष्ट और सरल दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि व्यापारी नियमों का सही तरीके से पालन कर सकें और अनावश्यक परेशानियों से बच सकें।


