झुंझुनूं जिले में कई होटल संचालक सोशल मीडिया और वेबसाइटों पर खुद को 3 या 5 स्टार श्रेणी का बताकर प्रचार कर रहे थे, लेकिन आबकारी विभाग में बार लाइसेंस के लिए साधारण श्रेणी की कम फीस जमा कर रहे थे। अब विभाग ने इस पर सख्ती करते हुए स्पष्ट किया है कि जिस श्रेणी में होटल अपना प्रचार करेगा, उसी आधार पर पूरी लाइसेंस फीस देनी होगी। बकाया अंतर राशि जमा किए बिना अब लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। विज्ञापन की श्रेणी ही बनेगी फीस का आधार जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन ने बताया – कई होटल बुकिंग साइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को 3 या 5 स्टार होटल बताकर ऊंचे किराये पर कमरे बुक कराते हैं, लेकिन लाइसेंस लेते समय साधारण श्रेणी दर्शाकर कम शुल्क जमा करते हैं। वर्ष 2011 के नियमों के अनुसार यदि कोई होटल किसी भी माध्यम से स्वयं को उच्च श्रेणी में प्रचारित करता है, तो उसे उसी श्रेणी के अनुसार पूरे वर्ष की लाइसेंस फीस जमा करनी अनिवार्य है। अब विभाग होटलों के विज्ञापनों और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत मैपिंग कर रहा है। यदि किसी होटल ने खुद को स्टार श्रेणी में दर्शाया है तो लाइसेंस जारी होने के वर्ष से अब तक की अंतर राशि का नोटिस जारी किया जाएगा। 28 फरवरी तक बिना विलंब शुल्क जमा करनी होगी राशि वर्ष 2026-27 के लिए रिन्यूअल प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्धारित शुल्क 28 फरवरी 2026 तक बिना लेट फीस के जमा किया जा सकेगा। इसके बाद 31 मार्च तक विलंब शुल्क के साथ भुगतान का अवसर रहेगा। तय समय सीमा में बकाया जमा नहीं करने पर लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। लाइसेंस सरेंडर का भी विकल्प यदि कोई होटल संचालक बढ़ी हुई फीस के कारण बार लाइसेंस जारी नहीं रखना चाहता, तो उसे नियमानुसार मुख्यालय में समर्पण (सरेंडर) आवेदन देना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाइसेंस निरस्त माना जाएगा। लापरवाही पर होगी कार्रवाई आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। गलत श्रेणी के आधार पर कम शुल्क में रिन्यूअल पाए जाने पर संबंधित आबकारी निरीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया- झुंझुनूं जिले के सभी हेरिटेज और अन्य होटलों की श्रेणी की पुनः जांच की जा रही है। राजस्व हितों की रक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।


