बांसवाड़ा की स्वच्छता के लिए स्थाई लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी अरुण कुमार अग्रवाल ने नगर परिषद को विशेष अंतरिम आदेश जारी किया है। जिसमें शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कोर्ट ने कहा कि डूंगरपुर नगरपालिका के पूर्व सभापति केके गुप्ता द्वारा डूंगरपुर में किए प्रशंसनीय कार्यों के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है तथा राज्य सरकार द्वारा भी उन्हें स्वच्छता एम्बेसेडर नियुक्त किया जा चुका है।ऐसी स्थिति में केके गुप्ता को स्वच्छता एम्बेसेडर को न्याय-मित्र नियुक्त किया जाना न्यायसंगत प्रतीत होता है। लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने बताया कि गुप्ता डूंगरपुर नगरपालिका को बांसवाडा नगर परिषद क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के प्रावधान लागू किए जाने के लिए न्याय-मित्र नियुक्त करती है। गुप्ता को सूचित किया जाकर उनकी सहमति प्राप्त की जाए। गुप्ता को न्याय-मित्र के रूप में बांसवाड़ा स्थित सर्किट हाउस में अपने खर्चे पर रहने के लिए अधिकृत किया जाता है। साथ ही गुप्ता सभी प्रकार का आवागमन भी अपने खर्चे पर ही करेंगे। दरअसल स्वच्छता, घर घर कचरा संग्रहण सही नहीं होने, शहर के बीच से गुजर रही कागदी नदी में सीवरेज का पानी जाने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता नरेश तलदार ने परिवाद कोर्ट में दिया। उनके द्वारा परिवाद में दिए साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं।


