भास्कर संवाददाता | बड़वानी एक स्वस्थ और स्थिर मानसिक स्थिति विद्यार्थियों को दबाव से बेहतर ढंग से निपटने में सक्षम बनाती है। जब मानसिक स्वास्थ्य कमजोर होता है तो तनाव, चिंता, प्रेरणा की कमी, शैक्षणिक व काम प्रदर्शन में गिरावट के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव देखने को मिलते हैं। इसके लिए मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए स्वस्थ आदतों का विकास आवश्यक है। शासकीय माध्यमिक आश्रम शाला में आयोजित नि:शुल्क योग शिविर में योग गुरु कृष्णकांत सोनी ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर यह बात कही। उन्होंने कहा व्यस्त जीवनशैली के चलते लोग अक्सर अपनी भावनात्मक सेहत को अनदेखा कर देते हैं। जबकि सरल आदतें तनाव को कम करने और मनोदशा को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने धूम्रपान, शराब, जुआ और मादक पदार्थों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया। सोनी ने कहा जो लोग पहले से मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्हें नशे से विशेष रूप से दूरी बनाए रखनी चाहिए क्योंकि बार-बार अस्पताल में भर्ती होना चिंता, थकान और अवसाद का कारण बन सकता है। राष्ट्रीय कृमि दिवस पर योग गुरु ने बताया भुजंगासन, पवनमुक्तासन व मयूरासन पेट में कीड़ों को पनपने से रोकते हैं। इसके लिए इनका नियमित अभ्यास जरूरी है। शिविर में तनाव दूर करने के लिए विट्ठल आसन, काली मुद्रा, कमल मुद्रा और गरुड़ मुद्रा का अभ्यास कराया गया। पेट के विकारों से मुक्ति के लिए हलासन, धनुरासन, शशांक आसन, गोमुख आसन, ताड़ासन का प्रशिक्षण दिया। जलनेति, रबर नेति व हास्य साधना जैसी क्रियाओं का भी अभ्यास कराया। प्राचार्य करमसिंह मोते, दतु केकान, मंगला पावरा, प्रियंका पावरा और सेवानिवृत्त बीईओ सायसिंह भंडारी व अन्य ने भाग लेकर योग-प्राणायाम का लाभ उठाया।


