जालंधर | शहर में समाज सेवा की एक मिसाल महिलाएं बन रही हैं। वे न सिर्फ संगठन को मजबूती से चला रही हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए उम्मीद की किरण भी बन रही हैं। स्लम एरिया के बच्चों की पढ़ाई और जरूरतों में मदद करनी हो, महिलाओं को सैनेटरी पैड उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना हो या फिर जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी की जिम्मेदारी उठानी हो, वे हर मोर्चे पर सक्रिय हैं। इन महिलाओं का उद्देश्य सिर्फ मदद करना नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाना है। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी लगन, संवेदनशीलता और समर्पण ने कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। यूनाइटेड क्वींस वेलफेयर सोसायटी फीमेल मेंबर्स का ग्रुप है। सोसायटी की फाउंडर प्रेसिडेंट आस्था अबरोल ने बताया कि वे आठ साल से समाज सेवा में जुटी हुई हैं। वे बाल केंद्र भी संचालित कर रही हैं, जोकि उनके पापा डॉ. अनूप अबरोल के नाम पर है। यहां 60 बच्चे मुफ्त पढ़ाए जाते हैं। उनकी स्टेशनरी, कपड़े, ड्रेस तक मुहैया करवाई जाती है। इसके अलावा सोसायटी की तरफ से हर साल 50 लड़कियों की शादी करवाई जाती है और जरूरी सामान मुहैया करवाया जाता है। जरूरतमदों के इलाज में मदद और पिंगलवाड़ा व कुष्ठ आश्रम में दवाइयां रेगुलर प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि स्पेशल चिल्ड्रन के लिए चानण वोकेशनल सेंटर वडाला चौक और मदर केयर स्कूल अर्बन एस्टेट में फाइनेंशियल हेल्प भी सोसायटी की तरफ से दी जाती है। स्पेशल बच्चों की ट्रेनिंग और ट्रीटमेंट में हेल्प करते हैं। ग्रुप में कुल 45 मेंबर हैं। सभी अपनी तरफ से ही फंड इकट्ठा करती हैं। आस्था ने बताया कि उन्होंने शार्टपुट और कबड्डी की दो प्लेयर भी अडॉप्ट की हुई हैं। उनके पारिवारिक सदस्य गेम्स का खर्च नहीं उठा पा रहे थे। उन्होंने सोसायटी के साथ संपर्क किया तो हमने उनकी डाइट के अलावा इक्विपमेंट उपलब्ध करवाए। एक आसरा एनजीओ इंसानों की ही नहीं, बल्कि जानवरों की भी मददगार है। महिलाओं की मदद करना इस ग्रुप की प्राथमिकता है और यदि कभी कोई कॉल आ जाए कि कोई पशु सड़क किनारे घायल पड़ा है तो संस्था उसे रेस्क्यू भी करती है। इसके अलावा स्लम एरिया में बच्चों की पढ़ाई पर इनका फोकस है। संस्था में 9 रजिस्टर्ड मेंबर हैं और यह 150 लोगों का ग्रुप है। ज्यादातर आर्थिक मदद ग्रुप के मेंबर ही करते हैं। प्रेसिडेंट जसप्रीत कौर का कहना है कि वे आठ साल से समाज सेवा में हैं। जरूरतमंद मरीजों को राशन, मेडिकल हेल्प, और इक्विपमेंट भी उपलब्ध करवाए जाते हैं। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड, इलाज के लिए गाइडेंस, सैनेटरी नेपकिन, मेडिकल कैंप चलाए जा रहे हैं। इस सारे प्रोजेक्ट के लिए फंड ग्रुप मेंबर और दानी सज्जन ही अरेंज करते हैं। अब तक सैनेटरी पैड की तीन ड्राइव चलाई जा चुकी हैं। करीब तीन हजार पैड दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सोसायटी की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जरूरतमंद महिलाओं को 13 सिलाई मशीनें वितरित की गईं। यहां सुरजीत लाल, रितु शारदा, अक्षत लाली, ऋषिका, सहजप्रीत कौर, मनन, नैंसी जैन, रेखा, कविता, किरण, शिवांक, वंदना बेदी, विक्की उपस्थित रहे।


