बिजली वितरण कंपनियों पर बढ़ रहे आर्थिक घाटे को कम करने के लिए ऊर्जा राज्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने केंद्र सरकार से स्मार्ट मीटर योजना को आरडीएसएस की तर्ज पर 60:40 के अनुपात में संचालित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों को घाटा कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए भी केंद्र से सहयोग की अपील की। गुरुवार को नागर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘वॉयबिलिटी ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज’ विषय पर मंत्री समूह की बैठक में यह मुद्दे उठाए। बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री श्रीपाद येसो नायक समेत कई राज्यों के ऊर्जा मंत्री और अधिकारी शामिल हुए। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर ऊर्जा मंत्री ने बताया- सरकार महंगी थर्मल बिजली के बजाय सस्ते और सुलभ सोलर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दे रही है। पीएम-कुसुम योजना के तहत 12,000 मेगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 4,355 मेगावाट के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट हो चुके हैं। एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने के लिए हाइब्रिड एम्युनिटी मॉडल पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया- पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक 136 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा उत्पादन में पिछले एक साल में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। डिस्कॉम्स की ओर से प्रजेंटेशन डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने बैठक में सस्ती और सुलभ विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा को कृषि क्षेत्र में लागू करने, बिजली खरीद की दरें कम करने, परिचालन लागत घटाने और एटी एंड सी हानियों को कम करने के सुधारों और नवाचारों पर प्रजेंटेशन दिया।


