स्मृति ईरानी बोलीं- शिक्षा डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं:बल्कि यह एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया; इंडिया द नेक्स्ट डिकेड एंड बियॉन्ड विषय पर की चर्चा

जीवन में सफलता और असफलता दोनों ही स्वाभाविक हैं, और दोनों को एक ही नजरिये से देखना हमारे जीवन में संतुलन और सरलता लाता है। हम अपनी रिश्तों, उपलब्धियों या असफलताओं से परिभाषित नहीं होते, ये केवल हमारे सफर के हिस्से होते हैं। शिक्षा भी सिर्फ डिग्री हासिल करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली सीखने की प्रक्रिया है, जिससे हम अपने कौशल को बेहतर बना सकते हैं, और कुछ लोगों के लिए तो यह जीवन का हिस्सा बन जाती है। लेकिन हमारी सोच अकसर शिक्षा को सिर्फ नौकरी पाने के साधन तक सीमित कर देती है, जिससे सीखते रहने का असली आनंद पीछे छूट जाता है। यह कहना है पूर्व कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी का। स्मृति ईरानी ने यह बात जयपुर के सेंट जेवियर्स एलुमनाई द्वारा आयोजित सेंट जेवियर्स स्कूल के प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन में कही। स्मृति ईरानी बोलीं- ‘वन-साइज-फिट्स-ऑल’ समाधान नहीं उन्होंने कहा- जहां प्रौद्योगिकी के कारण 97 मिलियन नई नौकरियां सृजित हो रही हैं, वहीं 87 मिलियन लोग तकनीकी बदलावों के कारण अपनी नौकरियों से वंचित हो गए हैं, इसलिए इन अवसरों का सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। संपूर्ण खुशी सुनिश्चित करने के लिए कोई ‘वन-साइज-फिट्स-ऑल’ समाधान नहीं है, लेकिन स्कूलों को भाषाई, सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को संबोधित करना चाहिए, जबकि शिक्षकों को काउंसलर और केयरगिवर की भूमिका भी निभानी चाहिए। ‘इंडिया- द नेक्स्ट डिकेड एंड बियॉन्ड’ विषय पर हुई चर्चा स्मृति ईरानी ने जेवियर्स प्लैटिनम जुबली कमेटी के इवेंट कोऑर्डिनेटर, महावीर शर्मा के साथ संवाद किया। इस महत्वपूर्ण सत्र में, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार, संस्थानों और माता-पिता की भूमिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। चर्चा का आयोजन ‘इंडिया- द नेक्स्ट डिकेड एंड बियॉन्ड’ विषय पर आयोजित किया गया। सोशल मीडिया ने पेरेंट्स की चुनौतियों को बढ़ाया स्मृति ईरानी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सोशल मीडिया ने पेरेंट्स की चुनौतियों को काफी बढ़ा दिया है, लेकिन बच्चों की सही परवरिश की जिम्मेदारी माता-पिता की ही है। जबकि लोग उम्मीद करते हैं कि सरकार को नैतिक मूल्यों पर टीवी कार्यक्रम और नियंत्रण उपाय लागू करने चाहिए, असल में समाधान माता-पिता और स्कूलों के मिलकर काम करने में है, ताकि वे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सही तरीके से मॉनिटर और कंट्रोल कर सकें। यह कार्यक्रम सेंट जेवियर्स स्कूल के एलुमनाई के प्लैटिनम जुबली सेलिब्रेशन का हिस्सा था, जो 26 दिसंबर, 2025 तक जारी रहेगा। इस सेलिब्रेशन के दौरान, जेवियर्स एलुमनाई हर महीने एक सत्र आयोजित करेंगे, जिसमें नॉलेज सेशंस, मेन्टरिंग सेशंस, पीयर टू पीयर मीटिंग, फंड रेजिंग गतिविधियां, कीनोट एड्रेसेज जैसे विभिन्न आयोजन शामिल होंगे। इस अवसर पर जेवियर्स प्लेटिनम जुबली कमेटी के सदस्य, माता-पिता और शिक्षक भी उपस्थित थे।

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