स्मैक तस्करी की महिला आरोपी की जमानत याचिका खारिज:मामले की जांच पूरी नहीं होने के तथ्यों के आधार पर निरस्त किया प्रार्थना पत्र

हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज स्मैक तस्करी के एक मामले में महिला आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह प्रकरण बारां कोतवाली में दर्ज किया गया था। आरोपी महिला ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर जमानत का लाभ मांगा था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि महिला को झूठा फंसाया गया है और उसके पास से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ। उसे केवल सह-अभियुक्त के बयान के आधार पर मामले में शामिल किया गया है। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह 15 जनवरी 2026 से जेल में है। इन आधारों पर जमानत देने की मांग की गई थी। मामले की जांच जारी
वहीं लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर एक गिरोह बनाकर स्मैक उपलब्ध कराई थी। इस स्मैक को एविल इंजेक्शन में मिलाकर बेचने का काम किया जा रहा था।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी ने सह-अभियुक्त अनवर को 6 ग्राम स्मैक उपलब्ध कराई थी। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि प्रकरण में जांच अभी जारी है और अपराध गंभीर प्रकृति का है। जांच पूरी नहीं होने के कारण नहीं मिली जमानत
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने माना कि आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर आरोप हैं और जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। पूछताछ में महिला ने स्मैक खरीदना कबूला था
यह कार्रवाई एसपी अभिषेक अंदासु के निर्देश पर बारां पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई थी। कोतवाली थाना पुलिस ने नशे का कारोबार करने वाले एक संगठित गिरोह पर कार्रवाई की थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में महिला से स्मैक खरीदने की बात कबूली थी। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला को भी गिरफ्तार किया और मामले में प्रभावी ढंग से साक्ष्य एकत्रित कर कार्रवाई की।

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