भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में चल रहे स्वदेशी मेले के अंतिम दिन रविवार को मेला ग्राउंड खालसाई रंग में रंग हुआ दिखाई दिया। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350 वर्षीय शहीदी दिवस को समर्पित गतका मुकाबले करवाए गए। गतका एसोसिएशन ऑफ पंजाब, गतका एसोसिएशन ऑफ लुधियाना और श्री गुरु हर राय साहिब गतका अखाड़ा के सहयोग से आयोजित गतका मुकाबलों में खालसाई वेशभूषा में धारण कर नन्हें-मुन्ने बच्चों से लेकर हर उम्र के निहंग सिंहों ने गतका के जौहर दिखाए। जयकारों की गूंज के साथ मंच लहराते खालसाई निशान साहिब, गुरु की लाडली फौज निहंग सिहों का शस्त्रों का प्रदर्शन कर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में पूर्व पंजाबी गायक नरिन्द्र मावी की तरफ से छोटे साहिबजादों की शहादत को समर्पित गीत सुनकर मंच सहित पंडाल में बैठे हर शख्स की आंख नम हो गई। मेला प्रमुख गुरदीप सिंह गोशा ने स्वदेशी मेले के अंतिम दिन सिख धर्म की पुरातन विरासत गतका मुकाबलों व खालसाई वेशभूषा में शस्त्रों के साथ मंच पर उतर अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया। उन्होंने गतका मुकाबलों में सहयोग करने पर गतका एसोसिएशन ऑफ पंजाब के कार्यकारी प्रधान भाई सरबजीत सिंह खालसा व प्रभजीत सिंह बब्बू का आभार व्यक्त करते हुए कहा स्वदेशी मेले ने अमिट छाप छोड़ कर आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत किया। दूसरी तरफ से रविवार को स्वदेशी मेला एक्सपो में भारतीय उत्पादों की खरीद के भारी भीड़ उमड़ी। हर स्टाल पर लोग स्वदेशी सामान खरीदने में जुटे रहे। इस अवसर पर मेला संरक्षक हरीश दुआ, मेला संयोजक मोहित गुप्ता, प्रभजोत सिंह पंधेर, गौरव अरौड़ा, शिव राम गुप्ता व विभोर गर्ग मौजूद रहे।


