स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा, सड़क और रोजगार बुनियादी सुविधाओं को लेकर थी नाराजगी

रामपुर बटुरा ओसीपी में किसानों के नाराजगी दूर करने पहुंचे जीएम ऑपरेशन
स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा, सड़क और रोजगार बुनियादी सुविधाओं को लेकर थी नाराजगी
रामपुर।
बटुरा खुली खदान परियोजना के प्रभावित किसानों के द्वारा पुनर्वास पुनर्स्थापना, परिसंपत्ति के मुआवजे ,रोजगार एवं ग मन से खोली खदान में लाने स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा सड़क बेरोजगारों को रोजगार जैसे बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गईअन्य सुविधाओं को लेकर लगभग 15 दिवस से घोर नाराजगी चल रही थी एक सप्ताह से लगातार प्रबंधन एवं किसानों के नेतृत्व करने वाले किसान नेता व जनप्रतिनिधियों की कई स्तर पर लगातार कई बैठक आयोजित की गई लेकिन 14 तारीख की रात देर रात तक महाप्रबंधक पी कृष्णा की अध्यक्षता में आकस्मिक बैठक बुलाई गई प्रबंधन की तरफ से एरिया के सभी जिम्मेदार अधिकारियों एवं रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना से प्रभावित किसानों के समस्याओं को गंभीरता से चिन्हित कर समाधान के तरफ ले जाने का वादा किया गया रात 11.00 बजे तक बैठक चली इसके बाद किसी तरह से रामपुर बटुरा खुली खदान की टीम की अगुवाई करने वाले जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा यह आश्वासन दिया गया 15 तारीख को आप लोग ग्राम पंचायत भवन में आकर आम नागरिक के साथ अभी तक किए गए करवाई के संदर्भ में बात रखें और आने वाले समय में किसानों के मुद्दों को लेकर कितने समय लगेंगे कब तक समाधान होगा यह बात हमारे ग्राम सभा में रखी जाए और किसानों से सहमति लिया जाए सामूहिक रूप से किसनो से सहमति लिया जाएगा तभी आगे बढ़ेंगे महाप्रबंधक के निर्देशानुसार एरिया के अधिकारियों की महाप्रबंधक संचालक श्री मनीष श्रीवास्तव उप क्षेत्रीय प्रबंधक रामपुर बटुरा संदीप शर्मा एरिया कार्मिक प्रबंधक हेंब्रम साहब सहित अन्य अधिकारियों को मिलाकर टीम का गठन किया गया और सुबह 10.00 बजे से लगभग दो से तीन घंटे तक किसान एवं जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को चिन्हित किया गया इसके पश्चात सभी वरिष्ठ जनों के तरफ से एरिया के अधिकारियों का जो प्रस्ताव था महाप्रबंधक संचालन अभी एक दम नए आए हुए हैं उप क्षेत्रीय प्रबंधक महोदय को आए सिर्फ तीन माह हुए दोनों के निवेदन पर एवं देश की स्थिति को भी पुलिस प्रशासन की तरफ से चर्चा में लाया गया साथ ही बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रहा है जिसके कारण आंदोलन में किसानों को किसी प्रकार से कोई तकलीफ ना हो आपसी चर्चा विमर्श करते हुए प्रबंधन को 20 दिन का समय दिया गया इसके पश्चात बैठक आयोजित कर 20 दिन के प्रोग्रेस रिपोर्ट लिया जाएगा किसानों को लगेगा कि हमारा समस्या का समाधान के रास्ते पर प्रबंधन है कुछ हुआ भी है इसके बाद निर्णय लिया जाएगा समस्या का समाधान होगा तो बधाई प्रेषित की जाएगी अन्यथा किसान अपने रास्ते को प्रशस्त करेंगे यानी संपूर्ण खदान को बंद करेंगे समस्याओं का समाधान मौके पर नहीं होता है तब तक हम अब केवल प्रबंध नहीं है दोषी उससे कहीं ज्यादा तहसील बुढार तहसील सोहागपुर के राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की है राजस्व रिकॉर्ड और रोजगार के फाइल सत्यापन में देरी की  जाती है इन दोनों  के कारण किसान परेशान है आने वाले समय में किसानों ने यह भी घोषित किया है कि अब केवल प्रबंधन के खिलाफ नहीं बल्कि राजस्व प्रशासन के खिलाफ भी आंदोलन के रास्ते को अपनाना पड़ेगा।

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