बलरामपुर के हंसडांड में एसडीएम एवं गुर्गों की पिटाई से ग्रामीण के मौत मामले में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष के पहल का स्वागत करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा है कि न्याय में देरी अन्याय के बराबर है। मामले में एसडीएम एवं अन्य साथियों के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया गया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है। रविवार को हंसपुर में बाक्साइट के अवैध उत्खनन के विवाद पर कुसमी एसडीएम करूण डहरिया एवं गुर्गों ने तीन ग्रामीणों की पिटाई कर दी थी। इनमें एक ग्रामीण राम नरेश उरांव (60 वर्ष) की मौत हो गई थी। दो अन्य घायलों का इलाज कुसमी हॉस्पिटल में किया जा रहा है। मामले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने जांच कमेटी भी बनाई है। महंत ने मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्र लिखा है। महंत ने इस घटना को मानवता पर कलंक बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डॉ. चरणदास महंत ने अपने पत्र में लिखा है कि हंसपुर गांव में एसडीएम स्तर के अधिकारी द्वारा की गई प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक निर्दोष बुजुर्ग आदिवासी की मौत हो गई। यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर है, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर है। सिंहदेव बोले-न्याय में देरी अन्याय के बराबर
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए नेता प्रतिपक्ष की पहल का स्वागत किया है। सिंहदेव ने कहा है कि बलरामपुर के हंसपुर में आदिवासियों पर हुई बर्बर कार्रवाई और एक व्यक्ति की मौत मूलनिवासियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। अगर प्रशासनिक बल प्रयोग से जान गई है, तो यह सीधी मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में आता है। अवैध खनन प्रशासन की शह पर चलने और आदिवासियों पर अत्याचार – ये सब एक ही सिस्टम फेल्योर की कड़ियाँ हैं। दोषियों की पहचान कर सख़्त से सख़्त सज़ा होनी चाहिए, पीड़ित परिवार के लिए तुरंत न्याय सुनिश्चित किया जाए। हंसपुर में बाक्साइट के अवैध उत्खनन के मिले सबूत
हंसपुर में बड़े पैमाने पर बाक्साइट का अवैध उत्खनन के सबूत मिले हैं। यहां मशीनें लगाकर जंगल में बाक्साइट की अवैध माइनिंग की जा रही थी। इसमें डाल्टेनगंज के राहुल जायसवाल की भूमिका बताई गई है, जिससे एसडीएम का सीधा संपर्क बताया गया है। अवैध उत्खनन का ग्रामीण विरोध कर रहे थे, जो घटना की वजह बना। पिता के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंच सके दो बेटे
हंसपुर में मारे गए ग्रामीण राम नरेश उरांव के शव का मंगलवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसके दो बेटे किशुन राम एवं संजय बुधवार रात वापस गांव पहुंचे। वे दोनों पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। दोनों छह माह से काम करने चेन्नई गए थे। पिता की हत्या की सूचना पर दोनों वापस लौटेे हैं। मामले की जांच के लिए कांग्रेस की टीम भी गांव में पहुंचेगी। ग्रामीणों ने मामले में संलिप्त अन्य लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
………………………


