शमशेर ने बताया वह और दविंदर पिछले 6–7 साल से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों साथ में ही नशा करते थे। दविंदर मुंबई में इंजीनियर था। जब भी लुधियाना आता, पहले अपने घर सामान रखता और फिर मेरे पास चला आता। मंगलवार को भी दविंदर ने मुझे फोन किया था, जिसके बाद मैं उसे स्टेशन से रिसीव कर अपने घर ले गया। पुलिस के अनुसार, शमशेर के घर पर दोनों ने चिट्टे लगाया। इसी दौरान पैसों के पुराने लेन-देन और अन्य बातों को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। शमशेर के हमले में दविंदर की मौत हो गई। जिससे शमशेर घबरा गया। उसने करीब दो घंटे तक शव को इसलिए 6 टुकड़ों में काटा ताकि आसानी से ठिकाने लगा सके। और इधर-उधर ले जाना आसान हो। आरोपी ने शव के कुछ हिस्से गांधी कॉलोनी में अलग-अलग जगहों पर फेंके। वहीं पहचान मिटाने के लिए कुछ हिस्सों में आग भी लगाई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने की तैयारी पहले से की गई थी। शव को काटने के लिए आरी का इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जा रही है। कबूलनामा… सलेम टाबरी इलाके में हुई बेरहमी से हत्या की गुत्थी पुलिस ने 20 घंटे में सुलझा ली है। पुलिस टीम ने आरोपी शमशेर उर्फ शेरा और उसकी प|ी कुलदीप कौर को लुधियाना की अनाज मंडी से गिरफ्तार किया है। दोनों वहां एक शेड के नीचे छिपे हुए थे। एडीसीपी-1 समीर वर्मा के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी अमृतसर स्थित अपने गांव भाग गया था, लेकिन गांव वालों के विरोध के चलते उसे वहां से भगा दिया गया। इसके बाद वह लुधियाना लौट आया और अनाज मंडी इलाके में छिपने की कोशिश कर रहा था, जहां पुलिस ने उसे शुक्रवार सुबह 8 बजे के करीब काबू कर लिया। 30 वर्षीय शमशेर किराए के मकान में रहता था और नशा तस्करी से भी जुड़ा था। उसके खिलाफ वर्ष 2016 में नशा तस्करी से संबंधित एक मामला डिवीजन-8 थाने में दर्ज है। इस बीच परिजनों ने इस बात पर आक्रोश जताया है कि हत्या के काफी समय बाद भी दविंदर का एक हाथ अभी तक बरामद नहीं हो पाया है। प पुलिस का कहना है कि लापता हिस्से की तलाश जारी है। साथ लेते थे चिट्टा, दविंदर गिरने से मरा हत्या कर 6 टुकड़े करने का मामला }लेन-देन के झगड़े में हुआ था मर्डर दविंदर शमशेर उर्फ शेरा कुलदीप कौर


