रणजीतपुरा में 8वीं कक्षा की परीक्षा देने जा रही नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के मामले में प्रशासन-पुलिस से सहमति के बाद परिजन, नेता और ग्रामीणों ने धरना हटा लिया है। उसके बाद पुलिस ने छात्रा के शव का मेडिकल बोर्ड से पीएम कराया। रणजीतपुरा में छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के बाद परिजन और ग्रामीण बज्जू के उप जिला अस्पताल के सामने अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार को प्रशासन-पुलिस के अधिकारी और परिजन व नेताओं की मौजूदगी में आपसी बातचीत के बाद मांगों पर सहमति बनी। सहमति के बाद ग्रामीणों ने धरना हटा लिया और छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पीएम कराया। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस दौरान पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी, भंवरसिंह भाटी, महेन्द्र गहलोत, मांगीलाल, गोकुल सरपंच प्रतिनिधि सुजानसिंह, देवीलाल, सुनील सहित बज्जू एसडीएम सांवरमल रेगर, एएसपी ग्रामीण बनवारीलाल मीणा सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे। पीड़ित परिवार को निजी लोगों की ओर से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। इन मांगों पर बनी सहमति 1. पीड़ित प्रतिकर योजना में अधिकतम 5 लाख रुपए का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा
2. मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपए की राशि दिलाने का प्रस्ताव सरकार को जाएगा
3. मामले में त्वरित सुनवाई के लिए मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लिया जाएगा और स्पेशल पीपी नियुक्त होगा
4. पीड़ित परिवार के एक सक्षम या योग्य व्यक्ति को संविदा पर नियुक्ति दिलाई जाएगी
5. पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मांग के अनुसार एक करोड़ रुपए की सहायता का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।


