पंजाब से आने वाले नहरी पानी की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों और गंदलेपन की समस्या को देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल ने विधानसभा में महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में जल्द ही हैवी मेटल टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर भी पेयजल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे जल की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके। मंत्री कन्हैयालाल ने श्रीकरणपुर विधायक रूपेंद्र सिंह कुन्नर के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नहरबंदी के दौरान जल भंडारण के कारण पानी में गंदलेपन की समस्या बढ़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए जल गुणवत्ता परीक्षण को मजबूत किया जा रहा है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त जल उपचार (ट्रीटमेंट) की व्यवस्था भी की जा रही है। मंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वच्छ जल” संकल्प के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) में नहरबंदी प्रस्तावित है और भविष्य में भी रिलाइनिंग कार्य के लिए बंदी ली जाएगी। ऐसी परिस्थितियों में ये नई प्रयोगशालाएं लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी।


