हनुमानगढ़ में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया नोखा स्थानांतरित करने के विरोध में परिवहन व्यवसायियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को डीटीओ कार्यालय परिसर में ट्रक यूनियन, यातायात जन सेवा सलाहकार समिति, टैक्सी यूनियन, टेंपो यूनियन और बस एसोसिएशन ने बेमियादी धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने परिवहन मंत्री का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यातायात जन सेवा सलाहकार समिति के अध्यक्ष मंगल सिल्लू ने बताया कि विभागीय आदेशों के तहत अब व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस के लिए 350 किलोमीटर दूर नोखा स्थित एटीएस केंद्र जाना पड़ता है। उन्होंने इसे हनुमानगढ़ के वाहन मालिकों के लिए अन्यायपूर्ण और आर्थिक रूप से बोझिल बताया। सिल्लू के अनुसार, एक वाहन को फिटनेस के लिए ले जाने में टोल टैक्स, डीजल, ऑनलाइन चालान और अन्य खर्चों को मिलाकर 20 से 30 हजार रुपये तक का व्यय आता है, जिससे छोटे ऑपरेटरों को भारी नुकसान हो रहा है। हनुमानगढ़ में फिटनेस जांच की सुविधा तुरंत बहाल करने की मांग
ट्रक यूनियन के प्रधान जुगल किशोर राठी और लीलाधर शर्मा ने आरोप लगाया कि जिला मुख्यालय पर फिटनेस सुविधा बंद करके परिवहन व्यवसायियों को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि हनुमानगढ़ में पूर्व की तरह फिटनेस जांच की सुविधा तुरंत बहाल की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वार्षिक कर जमा कराने की व्यवस्था स्पष्ट करने और ओवरलोड वाहनों तथा अनधिकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग दोहराई। आंदोलन को तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान ट्रक-बस ऑपरेटरों, टैक्सी और टेंपो चालकों ने लगातार नारेबाजी की और परिवहन मंत्री के प्रति रोष व्यक्त किया। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका यह संघर्ष आमजन और सुव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था, दोनों के हित में है, और समस्या के समाधान तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में मंगासिंह, राजपाल ढूंढाड़ा, हरमेल सिंह, महेंद्र शर्मा, विनोद भूतना, धर्मवीर अरोड़ा, सूरजपाल मूंड, सुभाष सैन सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।


