हनुमानगढ़ में जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर हॉल में गुरुवार को राजस्थान पेंशनर समाज की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें 80 साल की आयु पूरी कर चुके 55 पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को सम्मानित किया गया। समारोह में सम्मानित किए गए पेंशनरों को माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और गीता भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्मार्ट कार्ड भी बनाए, जिससे उन्हें बसों में यात्रा के दौरान विशेष सुविधा मिलेगी। समाज के जिलाध्यक्ष अशोक खत्री ने बताया कि हर साल 17 दिसंबर को पेंशनर्स दिवस मनाया जाता है। इस बार 16 दिसंबर को कलेक्ट्रेट परिसर में बम की अफवाह और 17 दिसंबर को बंद के कारण यह दिवस स्थगित करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि यह दिवस 17 दिसंबर 1982 को डीएस नाकरा मामले में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय की याद में मनाया जाता है। खत्री ने यह भी बताया कि समाज उन तहसीलों में पेंशनरों के लिए बैठक या गतिविधियों हेतु स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है, जहां ऐसी सुविधा नहीं है। समाज की मांग है कि अनुपयोगी या निष्क्रिय पड़े सरकारी भवनों को पेंशनरों के उपयोग के लिए आवंटित किया जाए। समाज के उपाध्यक्ष रमेश दरगन ने पेंशनरों को दवाइयां नहीं मिलने की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक भुगतान न होने की बात कहते हैं, जबकि पेंशनरों के वेतन से दवाइयों के लिए राशि काटी जाती रही है। दरगन ने जोर देकर कहा कि दवाइयां प्राप्त करना उनका अधिकार है और सरकार को इस समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए। इसके अलावा दरगन ने जानकारी दी कि पेंशनरों के जीवित प्रमाण पत्र नवंबर माह में लिए जाते हैं। अब तक लगभग 750 जीवित प्रमाण पत्र प्रमाणित कर कोषालय में जमा करवाए जा चुके हैं।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा, कोषाधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर पेंशनरों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा और उनके समाधान की मांग की।


