हमीदिया अस्पताल की कैथलैब की शिफ्टिंग एक बार फिर उलझ गई है। दरअसल, जीएमसी प्रबंधन की ओर से कैथलैब शिफ्टिंग की एजेंसी का निर्धारण टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से करने संबंधी निर्देश दिए थे। अब इस परेशानी को दूर करने के लिए नया प्लान तैयार किया जाएगा। इसके रिव्यू के बाद ही शिफ्टिंग पर विचार होगा। बीते एक साल से इसकी शिफ्टिंग का प्लान चल रहा है। तैयारी भी चल रही है। इस दौरान चार प्लान भी तैयार किए जा चुके हैं। 15 जनवरी 2025 तक शिफ्टिंग का दावा किया गया था। लेकिन एक बार फिर शिफ्टिंग अटक गई है। बीते साल हमीदिया अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को तोड़ने के दौरान उड़ रही धूल के चलते कैथलैब बंद करनी पड़ी थी। मलबा भी कैथलैब के रास्ते में पटक दिया गया। इसके चलते करीब तीन महीने तक लैब बंद रही। इस दौरान हार्ट के आपरेशन बंद रहने पर अस्पताल में मरीजों का हंगामा होने लगा। मामले की जानकारी मिलने पर डिप्टी सीएम ने तीन महीने में कैथलैब को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। क्या होती है कैथलैब
कैथलैब हृदयरोग विभाग के अंतर्गत आने वाली एक लैब होती है। इसमें हृदय रोगियों की सर्जरी की जाती है। इसमें मुख्य रूप से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, एब्लेशन और पेस मेकर व आईसीडी जैसी सर्जरी शामिल हैं। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर काम करती है। इससे शरीर के भीतर देखने की क्षमता बढ़ जाती है और संक्रमण का स्तर भी कम होता है।


